लखनऊ | देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने लखनऊ से अपना कारोबार समेटने का फैसला किया है. इस तरह एक बड़ी कंपनी , लखनऊ को टा-टा क्यों कह रही है, अभी इन कारणों का खुलासा नही हुआ है. हालाँकि टीसीएस की और से अभी इसकी अधिकारिक घोषणा भी नही हुई है लेकिन कंपनी के कर्मचारियों को मौखिक रूप से इसकी जानकारी दे दी गयी है.

टीसीएस में काम कर रहे कर्मचारियों का दावा है की उनके टीम लीडर्स ने उनको मौखिक रूप से बोल दिया है की कंपनी लखनऊ से अपना काम समेट किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो रही है. उनका कहना है की कंपनी साल के अंत अपने ज्यादातर प्रोजेक्ट्स दूसरी जगह शिफ्ट कर देगी. वही कंपनी के इस फैसले से लखनऊ के कर्मचारियों में काफी रोष है. इसलिए वो चाहते है की कंपनी को दूसरी जगह शिफ्ट होने से रोका जाये.

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इसलिए उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की मांग की है. इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, केन्द्रीय सूचना मंत्री रविशंकर प्रसाद और उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को भी पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है. यही नही कर्मचारियों ने ट्वीटर पर हैशटैग वॉर छेड़ दी है. उन्होंने #savetcslk के नाम से एक पत्र ट्वीटर पर पोस्ट किया है.

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इस पत्र में लिखा गया है की टीसीएस अधिकारी इस पुरे मामले में सरकार को भी गुमराह कर रहे है. जबकि कंपनी यहाँ से दूसरी जगह शिफ्ट होने का फैसला कर चुकी है. दरअसल कंपनी में काफी कर्मचारी ऐसे है जो पारिवारिक स्थिति के कारण लखनऊ के अलावा कही दूसरी जगह काम करने के लिए तैयार नही है. बताते चले की 33 साल पहले टीसीएस ने लखनऊ में अपना दफ्तर खोला था. आज इस कंपनी ने करीब 1700 कर्मचारी काम करते है.

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