बीते मार्च-अप्रैल में 40 दिन तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर तरीकों से प्रदर्शन कर देश का ध्यान अपनी समस्याओं की और आकर्षित करने वाले तमिल किसान मांगे न पूरी होने पर वापस दिल्ली लौट आये है. इस बार वे 100 सौ दिन का धरना प्रदर्शन आयोजित करेंगे.

रविवार को करीब पचास किसानों ने निजामुद्दीन स्टेशन से प्रधानमंत्री निवास तक मार्च निकाला. लेकिन पुलिस ने उन्हें लोक कल्याण मार्ग पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे इन किसानों को हिरासत में लिया और संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले गई.

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किसानों के नेता पी अयाकन्नू ने कहा, हमारी मांगें पूरी नहीं की गयी हैं जिनका तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी और केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन ने वादा किया था इसलिए हमने और 100 दिनों के लिए अपना विरोध प्रदर्शन बहाल करने का फैसला किया.

दक्षिणी राज्य के किसान केंद्र से 40,000 करोड़ रुपये का सूखा राहत पैकज, कृषि रिण माफी और कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग कर रहे हैं. ये किसान देश के 60 साल से अधिक उम्र वाले किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं.

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गौरतलब है कि क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक, 1995 से लेकर अब तक पूरे देश में क़र्ज़, सूखा, ग़रीबी और भुखमरी के चलते पूरे देश में तीन लाख से ज़्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं. जून महीने में अकेले मध्य प्रदेश में 50 से ज्यादा किसानों ने कर्ज जैसी परेशानी के चलते आत्महत्या कर ली.


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