सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात के बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को गुजरात पुलिस अधिकारी रामाभाई भगोरा की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. भगोरा को पिछले दिनों बॉम्बे हाईकोर्ट ने सबूत मिटाने का दोषी करार दिया था.

न्यायालय की अवकाश पीठ के न्यायाधीश ए.के.सीकरी और न्यायाधीश दीपक गुप्ता ने कहा कि इस मामले में जल्दबाजी की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि यह मामला 2002 गुजरात दंगों के कई मामलों में से एक है और सजायाफ्ता अधिकारी पहले ही अपनी सजा पूरी कर चुका है.

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इस पर भगोरा के वकील ने कोर्ट में कहा कि यदि उनके कन्विक्शन पर रोक नहीं लगाई जाती है तो सेवा के नियमों के अनुसार अधिकारी को निलंबित कर दिया जाएगा. याद रहे बॉम्बे उच्च न्यायालय ने चार मई को निचली अदालत के आदेश को पलट दिया था.

निचली अदालत ने बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार मामले में भगोरा एवं चार अन्य पुलिसकर्मियों को दोषमुक्त कर दिया था और 11 लोगों (एक दोषी की मौत हो चुकी है) को दोषी करार दिया था. हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों के साथ दो डॉक्टरों को भी दोषी करार दिया था.

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