नई दिल्ली | हाल ही में देश के कई राज्यों में गौरक्षा के नाम पर गौरक्षको की गुंडागर्दी देखने को मिली है. जिसकी वजह से कुछ लोगो को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा है. खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी ऐसी घटनाओ पर चिंता जताई है और कानून को ऐसे लोगो के खिलाफ कार्यवाही करने को कहा है. फिर भी ऐसी घटनाये लगातार हो रही है। यही नहीं अब ऐसी घटनाओ का दायरा भी बढ़ता जा रहा है जो चिंता की बात है.

फ़िलहाल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी सख्त नजर आ रहा है. तहसीन पूनावाला की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगायी है. कोर्ट ने सभी राज्यों को एक हफ्ते के अंदर टास्क फाॅर्स का गठन करने का आदेश दिया है. इसके अलावा हर जिले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश दिया है. बताते चले की तहसीन पूनावाला ने 7 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की थी.

इस याचिका में तहसीन ने राजस्थान के अलवर में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा की गौरक्षा के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की जा रही है. इस याचिका में कोर्ट से ऐसी हिंसाओं पर रोक लगाने की मांग की गयी थी. तब याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और 6 राज्य सरकारों को  नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा था. इसी मामले में आज सुनवाई की गयी.

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा ने केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा की वह गौरक्षा के नाम पर कानून हाथ में लेने वाले संगठनों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाये. इसके लिए हर राज्य में एक हफ्ते के अंदर टास्क फाॅर्स का गठन किये जाए जिसमे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में रखा जाए. इस पर एएसजी तुषार मेहता ने दलील दी की इसके लिए कानून है, जवाब में मुख्य न्यायधीश ने पुछा की हम जानते है की कानून है लेकिन क्या कार्यवाही की गयी.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE