पुराने 1000 और 500 के नोट को लेकर केंद्र सरकार अब कोई कार्रवाई नहीं करेगी. इस बात का आश्वासन केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दिया है. केंद्र ने कहा कि पुराने नोट जमा कराने की मांग करने वाले 14 पिटीशनर्स के खिलाफ पुराने नोट रखने को लेकर सरकार कोई भी क्रिमिनल कार्रवाई नहीं करेगी.

दरअसल 14 लोगों ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल कर पुराने नोट जमा कराने के लिए एक और मौका दिए जाने की मांग की थी. जिस पर आज कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका वापस लेकर संविधानपीठ के समक्ष अर्जी दाखिल करें.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने कहा कि संविधान पीठ उन लोगों की व्यक्तिगत याचिकाओं पर भी विचार करेगी जो भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से तय समय सीमा में पुराने नोट जमा नहीं करा सके थे.

हालांकि याचिका दायर करने वाले कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने आरबीआई अधिनियम या केंद्र की आठ नवंबर, 2016 की अधिसूचना की संवैधानिक वैधता को चुनौती नहीं दी है, बल्कि वह अपने पास रखे चलन से बाहर हुए नोट जमा कराना चाहते हैं.

कोर्ट ने गत वर्ष 16 दिसंबर को नोटबंदी मामला विचार के लिए संविधान पीठ को भेज दिया था. याचिका मे पीएम मोदी की घोषणा को आधार बनाया. साथ ही मांग की गई थी कि जो लोग पुराने नोट जमा नहीं कर सके हैं, उनके बारे में शीर्ष कोर्ट केंद्र सरकार को निर्देश जारी करे.


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