पेट्रोल व डीजल में केरोसिन की मिलावट के मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट गंभीर चिंता जताते हुए सॉलिसीटर जनरल के माध्यम से एक हलफनामा मांगा है.

इस मामलें में चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि ये कोई सुखद हालात नहीं. राजनेताओं और कॉर्पोरेट लोगों के ही पंप हैं जो नहीं चाहते कि नियम कानून में बदलाव हो. दूरदराज के हालात और भी खराब हैं.

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कोर्ट ने कहा कि पेट्रोल और डीजल में काफी मिलावटें की जा रही हैं और सरकार को इस पर रोक लगाने के लिए 6 हफ्तों के अंदर कदम उठाने होंगे. साथ ही  कोर्ट ने पूछा कि क्या ये संभव है कि पंपों पर कोई ऐसा उपकरण लगाया जा सकता है जिससे अगर मिलावट की गई हो तो पेट्रोल या डीजल बाहर ही न आए.

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याचिका में आरोप लगाया है कि हाथरस के पास सादाबाद से विधायक देवेंद्र अग्रवाल पेट्रोल और डीजल में केरोसिन में मिलाते हैं और फिर अपने पंपों से बेचते हैं. इसी तरह करोड़ों रुपये की संपत्ति कमा ली है.


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