नई दिल्ली: देश के लगभग दर्जन भर राज्यों में सूखे कारण त्राहि मची हुई है देशभर में जहाँ लोग सूखे से मरने वाली बच्ची योगिता की मौत को लेकर दुखी है अप्रैल में ही सूखा इस कदर खतरनाक रूप से सामने आया है ऐसे में मई जून में इसके और अधिक विकराल होनी की भी सम्भावना हो सकती है

इन राज्यों के कुल मिलाकर 256 जिले सूखे की चपेट में आते है लगभग 33 करोड़ लोगो जो इन क्षेत्रों में रहते है सूखे से प्रभावित है वहीँ सरकारी वकील पीए नरसिम्हा ने कहा की “इन इलाकों की कुल आबादी 33  करोड़ हो सकती है लेकिन सूखे से प्रभावित लोगो की सकल जनसँख्या कम हो सकती है”

लेकिन, सूखे से प्रभावित लोगों की कुल संख्या इस संख्या से अधिक हो सकती है क्योंकि हरियाणा और बिहार ने कम बरसात के बावजूद अभी तक संकट की घोषणा नहीं की है।

कोर्ट ने पुछा हलफनामा क्यों नहीं दिया

NDTV में प्रकाशित खबर के अनुसार अदालत ने गुजरात को फटकार लगाते हुए कहा की आपने हलफनामा दाखिल क्यों नहीं किया? चीजों को इतना हल्के में न लें। सिर्फ इसलिए कि आप गुजरात हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आप कुछ भी करेंगे। गौरतलब है की गुजरात सरकार द्वारा सूखे की स्थिति पर एक शपथ पत्र के बजाय एक टिप्पणी प्रस्तुत की गयी थी

कोर्ट ने कहा की ये केंद्र की ज़िम्मेदारी है की वो कम बारिश वाले राज्यों को पहले ही सूचित करे यह मतकहिए की सब कुछ ठीक है बल्कि इन राज्यों को बताइए कि वहां सूखा पड़ने की संभावना है।


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