सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नैनीताल हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें ईवीएम की आलोचना को गैरक़ानूनी माना गया था.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कोर्ट के अब कोई भी ईवीएम की आलोचना करने का अधिकार रखता है. इस मामले में अब 6 हफ्ते बाद सुनवाई होगी.

दरअसल, दो जून 2017 को उत्तराखंड के नैनीताल हाइकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि किसी को भी ईवीएम की आलोचना करने का अधिकार नहीं है.

हाईकोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसके आदेशों पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता. इसमें राजनीतिक दलों को भी शामिल किया गया था.

कोर्ट ने कहा था कि कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, प्रेस, रेडियो, फेसबुक, ट्विटर के जरिये ईवीएम की आलोचना नहीं कर सकता.

शुक्रवार को याचिकाकर्ता रमेश पांडेय की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट का यह आदेश कानून में ठहरने वाला नहीं है. यह फैसला बोलने की आजादी के अधिकार के खिलाफ है.


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