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नई दिल्ली | गौरक्षा के नाम देश भर में हो रही गुंडागर्दी पर लगाम लगाने के लिए, सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गयी है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 6 राज्यों को नोटिस जारी किया है. जिन छह राज्यों को नोटिस जारी किया गया है वो है, उत्तर प्रदेश , राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्णाटक और झारखण्ड.

सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पुनेवाला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल , गौरक्षको पर लगाम लगाने की अपील की है. इस याचिका में तहसीन पुनेवाला ने कोर्ट को बताया की पूरे देश में गौरक्षा के नाम पर कानून व्यवस्था को हाथ में लिया जा रहा है. देश भर में जीतने भी गौरक्षक है, उनमे से 80 फीसदी गौरक्षक गुंडागर्दी कर रहे है और अपराधिक गतिविधियों में शामिल है.

तहसीन पुनेवाला ने प्रधानमंत्री मोदी का हवाला देते हुए कहा की इस मामले में प्रधानमंती खुद चिंता जाता चुके है. मोदी ने खुद कहा है की कुछ गौरक्षक , गौसेवा के नाम पर अपना गैरकानूनी धंधा चमकाने में व्यस्त है. इतनी सख्त टिप्पणी के बाद भी इन लोगो के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की गई है. यह बड़ी हैरानी की बात है.

तहसीन पुनेवाला ने कोर्ट को बताया की कुछ राज्यों में गौरक्षक संगठन को मान्यता मिली हुई है. बाकायदा गौरक्षको को पहचान पत्र दिए गए है. इन लोगो को सरकारी कर्मचारी जैसा सम्मान दिया जा रहा है. पुनेवाला ने कोर्ट को नंदनी सुन्दर मामले का हवाला देते हुए कहा की कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में सलवा जुडूम नामक संगठन, जो नक्सलियों को खत्म करने के लिए बनाया गया था, को अवैध घोषित किया था.

उस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था की सुरक्षा देना सरकार का काम है, नागरिको का ऐसा कोई भी संगठन कानून के अनुसार अवैध है. जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए छह राज्यों और केंद्र को याचिका की कॉपी देने का आदेश दिया. इस मामले में केंद्र और सभी राज्यों को 6 और 7 नवम्बर को कोर्ट में अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है.


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