नई दिल्ली | मोदी सरकार ने नोट बंदी के बाद से लगभग हर जरुरी सेवाओं में आधार अनिवार्य कर दिया है. यहाँ तक की सरकार राशन के लिए भी आधार जरुरी हो गया है. इसके अलावा सरकार के नए आदेश में आईटी रिटर्न फ़ाइल करने के लिए भी आधार अनिवार्य कर दिया गया है. अब इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को फटकार लगाई है.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा की जब हमने आधार कार्ड को वैकल्पिक करने का आदेश दिए था, फिर आपने इसे अनिवार्य क्यों किया? इस पर सरकार की तरफ से जवाब देते हुए अटोर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा की ऐसा कानून के अंतर्गत ही किया गया है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगले हफ्ते अपना फैसला सुनाएगा.

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शुक्रवार को आईटी रिटर्न फाइल करने में आधार अनिवार्य करने के, सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा ,’  आप आधार कार्ड जरुरी कैसे कर सकते है, जब हम पहले ही इसे वैकल्पिक करने का आदेश पारित कर चुके है.’ इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा की यह पाया गया है की तमाम फर्जी कंपनिया फंड्स ट्रान्सफर करने के लिए पैन कार्ड्स का इस्तेमाल कर रही है.

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मुकुल ने आगे कहा की इसलिए पैन कार्ड के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आधार को अनिवार्य करना एक मात्र विकल्प है. इसलिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने आईटी रिटर्न फाइल करने और पैन कार्ड आवेदन के लिए आधार जरुरी कर दिया था. बताते चले की पिछले साल 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था की सरकारी स्कीमो के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नही किया जा सकता. इसलिए इसको अनिवार्य की जगह वैकल्पिक किया जाये. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते अपना फैसला सुनाएगी.

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