देश भर में गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई हैं. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है.

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ को केंद्र द्वारा सूचित किया गया कि कानून व्यवस्था राज्य का विषय है. लेकिन आप किसी भी तरह की हिंसा करने वाले गौ रक्षकों को नहीं बचाएंगे.

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इस दौरान सॉलिसीटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा, ‘कानून-व्यवस्था राज्य के अधीन है और केंद्र सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार किसी भी स्वंयभू गोरक्षक समूह का कोई स्थान नहीं है.

इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन एस पूनावाला ने अपनी याचिका में कहा कि गौ रक्षा करने वाले संगठनों द्वारा की गई हिंसा देश में हर जगह, हर कोने में, विभिन्न समुदायों और जातियों के खिलाफ चरम पर पहुँच गई है.

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इससे पहले कोर्ट ने पिछले साल 21 अक्तूबर को दायर याचिका पर छह राज्यों से सात अप्रैल को जवाब मांगा था. अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी.


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