भारत-चीन सीमा पर से लापता हुए भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमकेआई का 24 घंटे गुजर जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा हैं. इस विमान ने असम के तेजपुर बेस कैंप से मंगलवार को उड़ान भरी थी. ये विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था. एयरक्राफ्ट में दो पायलट सवार थे.

सलानीबाड़ी एयरफोर्स स्टेशन से सुबह करीब 10.30 पर उड़ान भरने के करीब आधे घंटे बाद उसका रेडियो और रडार संपर्क टूट गया था. लापता होने से पहले विमान को तेजपुर से 60 किलोमीटर दूर उत्तर में दौलासंग, अरुणाचल प्रदेश के पास देखा गया था. ये इलाका भारत-चीन सीमा के बिलकुल करीब है.

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वायु सेना ने लापता विमान की तलाशी का अभियान शुरू किया था लेकिन खराब मौसम होने की वजह से अभियान को स्थगित करना पड़ा. इस मामलें को लेकर जब चीनी विदेश मंत्रालय से पूछा गया तो उनके के प्रवक्ता ल्यू कांग ने कहा कि ‘सबसे पहली बात, चीन-भारत सीमा के पूर्वी हिस्से को लेकर हमारी स्थिति लगातार ही स्पष्ट रही है. वहीं दक्षिण तिब्बत के हालात पर हम करीबी नजर बनाए हुए हैं.

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उन्होंने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि भारत दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति पर टिका रहेगा और सीमाई इलाकों में शांति और स्थिरता को भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से बचना चाहेगा.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘जिस बारे में आप जिक्र कर रहे हैं, फिलहाल मेरे पास उसकी कोई जानकारी नहीं.’


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