startup india will be a new revolution in business

नई दिल्ली। दिल्ली में स्टार्टअप इंडिया का महाआयोजन चल रहा है। युवाओं में उद्यमिता को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये महत्वाकांक्षी योजना है। स्टार्टअप, यानी वो बिजनेस जो अभी शुरू हुआ या होने वाला है। ज्यादातर स्टार्टअप्स युवा उद्यमियों ने शुरू किए हैं और इसमें अब भी संभावनाएं बहुत हैं। प्रधानमंत्री की योजना इन्हीं संभावनाओं को हकीकत में बदलने की है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार ने बिजनेस करने के लिए बेहतर वातावरण बनाया है। अब लोगों को मंत्रालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली में जुटे देश दुनिया के स्टार्टअप को एक खुशखबरी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने स्टार्टअप के लिए नए टैक्स नियम बना लिए हैं जो बिजनेस को बढ़ावा देंगे। अच्छी बात है कि इनमें से कुछ नियम जल्द लागू किए जाएंगे।

देश और विदेश से 40 से ज्यादा सीईओ इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। स्नैपडील के फाउंडर कुणाल बहल, फ्लिपकार्ट के फाउंडर सचिन बंसल, इनमोबी के फाउंडर नवीन तिवारी, ओयो रूम्स के रितेश अग्रवाल और टीम इंड्स के दिलीप छाबड़िया इसके साथ विदेशी दिग्गज उबर के फाउंडर ट्राविस कालानिक, वीवर्क के एडम नुमैन्न, सॉफ्टबैंक के सीईओ मासायोशी और वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड ओन्नो रुह्ल भी स्टार्ट अप इंडिया में शिरकत कर रहे हैं।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस मौके पर कहा कि मोदी सरकार ने बिजनेस करने के लिए बेहतर वातावरण बनाया है। अब लोगों को मंत्रालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्टार्टअप्स की जरुरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत जैसे बड़ी आबादी के देश का भविष्य स्टार्टअप्स ही हैं।

पेटीएम के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा के मुताबिक देश में टेक्नोलॉजी का बूम चल रहा है और 2020 तक भारत दुनिया का सबसे ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला देश होगा। जोमेटो के फाउंडर और सीईओ दीपेंद्र गोयल के मुताबिक स्टार्टअप की राह सरकार के लिए आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि 1-2 साल में बदलाव नहीं लाया जा सकता। आईस्पिरिट के फाउंडर शरद शर्मा को स्टार्टअप इंडिया योजना से बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की इंडस्ट्रियल पॉलिसी को नए सिरे से बनाने की जरूरत है ताकि स्टार्टअप को बढ़ावा मिले।

वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारामण का कहना है कि पीएम मोदी ने र्स्टाटअप्स को आगे बढ़ाने की बात लाल किले से दिए गए अपने भाषण में ही साफ कर दी थी। अब सरकार इस एजेंडे पर आगे बढ़ रही है। वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारामण ने कहा कि सरकार युवाओं को प्लेटफॉर्म देने की कोशिश कर रही है और सरकार स्टार्टअप को वित्तीय मदद देने की इच्छुक है। साथ ही स्टैंडअप इंडिया को भी अलग से लॉन्च किया जाएगा और इस योजना के तहत एससी-एसटी एवं महिला उद्यमियों को सहारा देंगे।

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांता दास के मुताबिक स्टार्टअप्स से देश में निवेश बढ़ेगा और नई नौकरियों के मौके बढ़ेंगे। स्टार्टअप कैंपेन बहुत बड़ा गेम चेंजर होगा। सरकार की स्टार्टअप्स को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने की कोशिश है।

सरकार स्टार्टअप्स को सहारा दे रही है तो अमेरिका के सिलिकॉन वैली से 40 लोगों का प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया। इन लोगों ने सरकार के सामने अपनी उम्मीदें और सलाह रखी। एडकास्ट के फाउंडर कार्ल मेहता ने कहा कि स्टार्टअप्स के लिए इको सिस्टम बनना चाहिए और स्टार्टअप्स पर आर्थिक बोझ कम किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए भारत में विदेश की तरह आसान नियम कानून बनाने की वकालत की है।

स्टार्टअप्स के नए पोस्टर बॉय और ओयो रूम्स के रितेश अग्रवाल ने कहा कि भारत में स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलने से खुशी है। हालांकि इस पहल को आगे बढ़ाने में सरकार के सामने कई चुनौतियां आएंगी। सरकार का स्टार्टअप्स के लिए टैक्स प्रणाली को आसान बनाना अच्छा कदम है।

मेकमायट्रिप डॉट कॉम के दीप कालरा के मुताबिक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार को टैक्स सिस्टम को आसान बनाना होगा। स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के तहत सरकार की तरफ से कई आकर्षक ऐलान की उम्मीद है। विदेश में स्टार्टअप्स के लिए अच्छी सुविधाएं हैं, ऐसे में भारत में सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना होगा।

दिल्ली में प्रधानमंत्री स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की मुहिम चला रहे हैं, जबकि मुंबई में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसे आगे बढ़ाने के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने मुंबई को स्टार्टअप कैपिटल बनाने का वादा भी किया।

ओला कैब्स के भाविश अग्रवाल भी स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को स्टार्टअप बनाने और बंद करने के नियम आसान करने चाहिए। वहीं स्टार्टअप की दुनिया में जानेमाने नाम बन चुके स्नैपडील के फाउंडर कुणाल बहल भी स्टार्टअप पर नई पहल को लेकर खूब उत्साहित दिखे। कुणाल बहल ने कहा कि नई नीति के बाद स्टार्टअप को अच्छा समर्थन मिलेगा और टैक्स को लेकर सरकार सही फैसला करेगी।


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