Sri Sri Ravi Shankar Supports Women In Shani Shingnapur Controversy

शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर चल रही बहस में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर भी कूद पड़े हैं। उन्होंने कहा है कि शास्त्रों में यह कहीं नहीं लिखा गया है कि महिलाओं को मंदिर के अंदर नहीं जाना चाहिए।

रविशंकर ने कहा, ‘ऐसा होता तो, सबसे बड़ा मंदिर भारत में है काशी विश्वनाथ, वहां सब महिलाएं जा सकती हैं। शनि महाराज तो विश्वनाथ के नीचे ही बैठे हैं, तो वह कैसे नाराज हो जाएंगे?’

 इसके पहले, शनिवार को शनि शिंगणापुर मंदिर के चबूतरे पर महिलाओं के प्रवेश को लेकर शनिवार को अहमदनगर के जिला मुख्यालय में हुई बैठक बेनतीजा रही। हालांकि, बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री खुद फैसला करें। इस बैठक में शनि शिंगणापुर देवस्थान के ट्रस्टी, भूमाता ब्रिगेड और ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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शनि शिंगणापुर मंदिर के ट्रस्टी इस तर्क पर कायम रहे कि महिलाओं पर पाबंदी 400 साल से चली आ रही है, जिसे तोड़ना उचित नहीं है। पिछले दिनों मंदिर ट्रस्ट बोर्ड में दो महिलाओं को पहली बार लिया गया। बोर्ड की अध्यक्ष के तौर पर एक महिला अनीता शेटे नियुक्ति की गई।

शेटे ने अध्यक्ष पद संभालने के बाद महिलाओं पर पाबंदी कायम रखने का आग्रह किया है। यह विवाद तब शुरू हुआ, जब दो महीने पहले एक महिला चबूतरे पर चढ़ गई थी। कुछ दिनों पूर्व महिलाओं का एक मोर्चा ‘रणरागिनी भूमाता ब्रिगेड’ मंदिर की तरफ बढ़ा था, मगर पुलिस ने उन्हें पांच किलोमीटर पहले ही रोक लिया था।

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