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बस्ती | अभी कुछ दिन पहले उड़ीसा के दीना मांझी याद है आपको? चलो अगर याद नही है तो हम याद दिला देते है. करीब एक महीना पहले उड़ीसा के दीना मांझी , अपनी पत्नी की लाश कंधे पर लाधकर 12 किलोमीटर पैदल चले थे. उनके साथ उनकी बेटी भी थी. यह मार्मिक तस्वीर जब मीडिया में आई तो सबका कलेजा मुंह को आ गया. एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती में देखने को मिला है.

बस्ती के बालपुर जाट गाँव के लल्ला मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते है. लल्ला के पिता पृथ्वीपाल काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. आज दोपहर लल्ला के पिता की तबियत जब ज्यादा खराब हो गयी तो लल्ला ने 108 पर फोन मिलकर एम्बुलेंस भेजने का आग्रह किया. काफी देर इंतजार करने के बाद भी कोई एम्बुलेंस लल्ला की चोखट तक नही पहुंची.

पिता की तबियत बिगडती देख लल्ला अपने पिता को ठेले पर लिटा अस्पताल की और चल पड़ा. करीब दस किलोमीटर चलने के बाद लल्ला अस्पताल पहुंचा. लल्ला के पिता प्रेम को देखकर अस्पताल में सब भावुक हो गए वही लोगो के अन्दर काफी गुस्सा भी था. जब अस्पताल में मौजूद लोगो को पता चला की लल्ला के पास कोई एम्बुलेंस नही पहुंची तो उन्होंने वहां हंगामा भी किया.

यहाँ तक तो ठीक था लेकिन अस्पताल ने जब लल्ला के पिता को एडमिट करने से मना कर दिया तो वहां मौजूद ने अस्पताल स्टाफ को काफी खरी खोटी सुनाई. काफी देर बहस होने के बाद अस्पताल ने लल्ला के पिता को एडमिट कर लिया. इस मामले का संज्ञान लेते हुए सीएम्ओ अमर सिंह खुशवाह ने पत्रकारों को सफाई देते हुए कहा की हम एम्बुलेंस न पहुँचने की शिकायत लखनऊ भेज देंगे. यह मामला हमारी जानकारी में है.


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