मुंबई | कभी कभी एक ग़लतफ़हमी बड़ी मुसीबत का सबब बन जाती है. कुछ ऐसा ही हुआ केरल के छह मुस्लिम युवको के साथ. इन लोगो को ट्रेन में सफ़र के दौरान बॉम्बे बोलना इतना भारी पड़ा की इनको हवालात की सैर करनी पड़ी. थोड़ी सी चूक हो और सभी छह निर्दोष युवक आतंकी घोषित कर दिए जाते और पूरी जिन्दगी जेल में सड़ने को मजबूर हो जाते. हालाँकि ऐसा कुछ नही हुआ और ग़लतफ़हमी दूर होने पर इन लोगो को छोड़ दिया गया.

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दरअसल केरल के केरल के मदरसे में पढने वाले छह मुस्लिम युवक उर्दू सीखने के लिए मुंबई आये हुए थे. इस दौरान वो ट्रेन से सफ़र करते हुए आपस में कुछ बातचीत कर रहे थे. इसी बीच उन लोगो ने अपनी बातचीत में बॉम्बे शब्द का इस्तेमाल किया होगा जिसको उनके नजदीक रखे कंप्यूटर ने बम समझ लिया. तुरंत इसकी जानकारी नजदीक के पुलिस स्टेशन को दी गयी.

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यह घटना मुंबई के रतनागिरी की है. सूचना पर पुलिस ने सफ़र कर रहे सभी छह युवको को हिरासत में ले लिया गया. उनसे काफी देर पूछताछ की गयी. काफी लम्बी जांच प्रक्रिया के बाद पुलिस ने पूरी सूचना को गलत पाया. वसी रेलवे पुलिस के सीनियर इंस्पेक्टर सुरेश पाटिल ने बताया की युवको के नजदीक बैठे एक शख्स ने बम के बारे में सुना जिसके बाद सभी युवको को हिरासत में लिया गया.

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पाटिल ने बताया की जांच में पाया गया की ग़लतफ़हमी की वजह से यह सब वाकया हुआ. उनके पास बैठे शख्स को गलत सुनाई दिया. उसके मुताबिक सभी युवक बम की बात कर रहे. जांच के दौरान सब कुछ सही पाए जाने पर सभी युवको को छोड़ दिया गया. हिरासत से छूटने के बाद सभी युवको ने राहत की साँस ली. क्या मालुम अगर जांच में थोड़ी सी भी लापरवाही होती तो उनके साथ क्या होता?


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