नई दिल्ली: पाकिस्तानी गायक अदनान सामी ने आज भारतीय नागरिक बनने के बाद कहा कि भारत में कोई असहिष्णुता नहीं है.

भारतीय नागरिकता मिलते ही 'असहिष्णुता' पर बोले अदनान सामीयहां नार्थ ब्लॉक में अपनी पत्नी रोया की उपस्थिति में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू से नागरिकता प्रमाणपत्र हासिल करने के बाद मुस्कुराते हुए सामी :46: ने अपना प्रसिद्ध गीत ‘तेरी उंची शान है मौला… मुझको भी लिफ्ट करा दे’ गाया.

जब उनसे अभिनेताओं- आमिर खान और शाहरूख खान द्वारा देश में कथित बढ़ती असहिष्णुता को लेकर चिंता प्रकट करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सभी को अपनी राय बनाने का हक है और उनका बयान शायद उनके अनुभव पर आधारित हो.

उन्होंने कहा, ‘‘यदि असहिष्णुता होती मैंने भारतीय नागरिकता नहीं ली होती. मैंने कभी असहिष्णुता महसूस नहीं की. भारत में कोई असहिष्णुता नहीं है.’’ गायक ने कहा कि भारतीय नागरिक बनकर वह बहुत खुश हैं और सरकार के प्रति आभारी हैं.

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उन्होंने कहा, ‘‘यह सुंदर सौगात देने के लिए मैं भारत सरकार का आभारी हूं. ’’ जब उनसे पूछा गया कि वह भारतीय नागरिक बनकर कैसा महसूस कर रहे हैं, सामी ने कहा कि कोई फर्क नहीं आया है क्योंकि बिरयानी दोनों देशों में एक जैसी है और ‘‘मुझे तो पाकिस्तान और भारत दोनों ही देशों में प्रचुर बिरयानी मिली है. ’’
सामी ने कहा कि उनके भारतीय नागरिकता ग्रहण करने पर पाकिस्तान में मिश्रित प्रतिक्रिया है लेकिन उनका परिवार भारत और भारत के लोगों के प्रति उनके प्यार को समझता है. जब उनसे मोदी की हाल की लाहौर यात्रा के बारे में पूछा गया तो सामी ने कहा कि उन्हें बड़ी खुशी है कि मोदी ने पाकिस्तान यात्रा की और वह उसके साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.

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उन्होंने कहा,‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से पड़ोसी से प्यार करो के सिद्धांत में यकीन करता हूं.’’’ गृह मंत्रालय ने कहा कि सामी को भारतीय नागरिकता प्रदान की गयी है क्योंकि उन्होंने केंद्र से मानवीय आधार पर इस देश में उनके दर्जे को कानूनी रूप देने का अनुरोध किया था.

पिछले कुछ सालों से भारत को अपना दूसरा घर बना चुके 46 वर्षीय गायक ने इस साल 26 मई को केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रतिवेदन देकर मानवीय आधार पर उन्हें भारत में ठहरने देने का अनुरोध किया था.

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सामी 13 मार्च, 2001 को पर्यटक वीजा पर पहली बार भारत आए थे. उन्हें इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग ने एक साल की वैधता के साथ यह वीजा जारी किया था.

उनका वीजा बाद में समय समय पर बढ़ाया गया. 27 मई, 2010 को जारी उनका पाकिस्तानी पासपोर्ट 26 मई, 2015 को समाप्त हो गया और पाकिस्तान सरकार ने उनका पासपोर्ट नवीनीकृत नहीं किया. उसके बाद उन्होंने अपने ठहराव को मानवीय आधार पर कानूनसम्मत बनाने के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया. साभार: एबीपी न्यूज़


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