गोंडा | योगी राज में उत्तर प्रदेश पुलिस की असंवेदनशीलता के मामले रोजाना सामने आ रहे है. यहाँ पुलिस न जनता की शिकायत लेने के लिए तैयार है और न ही उनके साथ सीधे मुंह बात करने के लिए. लेकिन हद तो तब हो जाती है जब इस तरह का व्यव्हार एक सैनिक के साथ भी दोहराया जाता है. राष्ट्रवाद को लेकर बड़ी बड़ी बाते करने वाली बीजेपी के राज में एक सैनिक को न्याय पाने के लिए दर दर भटकना पड़ता है. यही नही उसके साथ अभद्रता भी की जाती है.

उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले सैनिक संतोष सिंह, फ़िलहाल कश्मीर के डोडा में तैनात है. फ़िलहाल वो छुट्टियों पर अपने घर आये हुए है. लेकिन यहाँ आकर उनके साथ जो हुआ उसकी परिकल्पना उन्होंने जीवन में कभी नही की होगी. उनके गाँव के ही बेदप्रकाश और दो अन्य लोगो ने पहले उनकी माँ के साथ मारपीट की और फिर उसकी गले की चैन छीन ली. इस घटना से आहत संतोष सिंह शिकायत लेकर थाना वजीरगंज पहुंचे.

लेकिन थाने के SI गोरखनाथ ने उनकी शिकायत लेने से मना कर दिया. संतोष कुमार ने बताया की थानेदार ने उनके साथ अभद्रता करते हुए उनसे कहा की तुम कश्मीर में भी पत्थर खाते हो , यहाँ भी हमारे हाथो पत्थर खाओंगे. संतोष ने बताया की मेरे विरोध करने पर उन्होंने उलटे मेरे ही खिलाफ धारा 151 लगा दी. इसके बाद संतोष मंत्री जी के पास भी शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन वहां भी सुनवाई नही हुई.

अंत में संतोष ने मीडिया में जाना मुनासिब समझा. मीडिया से बात करते हुए संतोष ने बताया की वो इसी मामले में एक एप्लीकेशन अपनी रेजिमेंट को भेजेगा. इसके बाद अपना आईडी कार्ड डीएम को सौपेंगे. अगर वहां भी सुनवाई नही होती तो मैं उसी जगह आत्मदाह करूँगा जहाँ मेरा अपमान हुआ है. यह अपने आप में बेहद चौकाने वाला मामला है. फ़िलहाल की स्थिति में फौजियों के प्रति पुरे देश में एक सम्मान की लहर चल रही है, कश्मीर में वो दुश्मनों से जूझ रहे है लेकीन आंतरिक तौर पर एक सरकारी विभाग जिसके ऊपर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, एक सैनिक का अपमान करता है.


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