मुंबई | केंद्र और राज्य सरकार में सहयोगी शिवसेना आये दिन बीजेपी पर अपने बयानों के बम फोडती रहती है. अपने मुख पत्र सामना के जरिये शिवसेना , मोदी सरकार पर हमला करने का कोई मौका नही चुकती. केंद्र सरकार के लगभग हर फैसले के बाद शिवसेना की और से प्रतिक्रिया जरुर आती है. पिछले तीन साल में ऐसे बहुत कम मौके आये है जब उन्होंने मोदी सरकार के फैसले की सराहना की हो.

ताजा मामले में मोदी सरकार ने सरकारी क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया में विनिवेश को मंजूरी दे दी. सरकार के फैसले के बाद एयर इंडिया को बेचने का रास्ता भी साफ़ हो गया. दरअसल केंद्र सरकार की दलील है की चूँकि एयर इंडिया करीब 50 हजार करोड़ रूपए के साथ चल रही है इसलिए इसी नीजी हाथो में बेचना ही बेहतर होगा. सरकार का यह तर्क ही शिवसेना के गले के नीचे नही उतर रहा है.

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अपने मुखपत्र सामना में मोदी सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए शिवसेना ने लिखा है की आज सरकार कर्ज के बोझा का बहाना बनाकर एयर इंडिया को निजी हाथो में बेच रही है , तो क्या कल कश्मीर में सुरक्षा पर हो रहे खर्चे के चलते उसे भी बेच दिया जाएगा. उन्होंने आगे लिखा की अगर यह काम कांग्रेस की सरकार के समय हुआ होता तो बीजेपी उनके कपडे उतार देती. बताते चले की एयर इंडिया को टाटा ग्रुप और इंडिगो ने खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है.

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एयर इंडिया को भारत की शान बताते हुए शिवसेना ने लिखा की 50 हजार करोड़ रूपए के घाटे में चल रही एयर इंडिया को बीजेपी सरकार भी नही ठीक कर पायी और देश के गौरव को बेचने का फैसला कर लिया गया. नौकरशाहों और एयर इंडिया के कर्मियों ने भारत की शान को बेच खाया. एक बाद भ्रष्टाचार हुआ है. बताते चले की नीति आयोग ने एयर इंडिया का पूर्ण रूप से निजीकरण करना का सुझाव दिया.

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