भोपाल | देश में सबसे बड़े कर सुधार के तौर पर प्रचारित किये जा रहे जीएसटी को पुरे देश में 1 जुलाई से लागु कर दिया जाएगा. मोदी सरकार का दावा है की इसके लिए सभी तैयारिया पूरी कर ली गयी है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में पहले प्रेस कांफ्रेंस कर बताया की 30 जून की आधी रात को भव्य जश्न के साथ पुरे देश में जीएसटी लागू कर दिया जायेगा.

हालाँकि देश के कई राज्यों के व्यापारियों ने जीएसटी का विरोध करना भी शुरू कर दिया है. उनका कहना है की जीएसटी में कर की दरे बढ़ने की वजह से उनके रोजगार पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा. इसलिए जीएसटी लागु करने से पहले कर निर्धारण के बारे में एक बार फिर सोचा जाए. दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश , उत्तराखंड और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में व्यापारी इसका लगातार विरोध कर रहे है.

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एक देश एक कर के स्लोगन के साथ लांच हो रहे जीएसटी के लागु होने से पहले इस तरह का विरोध होना मोदी सरकार की आगामी रणनीतियो के लिए सही नही है. इसलिए सरकार किसी भी सूरत में ऐसा नही चाहती की इसको लेकर कही से भी विरोध के सुर उठे. सोशल मीडिया में पहले ही इस बात के चर्चे शुरू हो चुके है की जीएसटी के बाद पुरे देश में जोरदार महंगाई दस्तक देगी.

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इसलिए जीएसटी के प्रति व्यापारियों के विरोध को दबाने के लिए मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने बेहद ही चौकाने वाला फैसला लिया है. शिवराज सरकार ने सभी राज्यों के डीएम को आदेश दिया है की अगर कोई भी व्यापारी जीएसटी का विरोध करता है तो उसके खिलाफ रासुका लगाकर कार्यवाही की जा सकती है. किसान आन्दोलन की आग में जल रहे प्रदेश को एक और विरोध प्रदर्शन से बचाने के लिए शिवराज का यह फैसला कितना कारगर होगे , यह तो वक्त ही बतायेगा.

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