द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है. हरिद्वार में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं ने जबरन प्रवेश किया, इसी वजह से केरल के मंदिर में इतना भयानक हादसा हुआ.

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इतना ही नहीं, शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाएं शनि की पूजा करती हैं, तो उनके साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ जाएंगी.

महिलाओं ने अभी शनि मंदिर में जबरन प्रवेश किया, वह डंका पीट रही हैं. अब शनि की दृष्टि महिलाओं पर पड़ेगी, तो अभी जो रेप की घटनाएं हो रही हैं, वो अब और बढ़ेंगी. – शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

इसके साथ ही शंकराचार्य ने महाराष्ट्र में सूखे के पीछे भी साईं की पूजा को कारण बताया. उन्होंने कहा कि साईं की पूजा करने की वजह से ही पानी का घोर संकट पैदा हुआ है.

शंकराचार्य ने कहा कि शनि और साईं, दोनों भगवान नहीं हैं. महाराष्ट्र में शनि और साईं की पूजा होने के कारण ही अकाल की स्थिति पैदा हो गई है.

शिरडी में ही जहां साईं की कब्र है, वहां लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं. अगर साईं में शक्ति है, तो वहां चमत्कार करके दिखाएं. हिंदुओं को अंधविश्वास पर ध्यान नहीं देना चाहिए. आज हर मंदिर में साईं की प्रतिमा रखकर हमारे देवी-देवताओं का अपमान किया जा रहा है. हमारे मंत्र, ग्रंथ, चालीसा का भी उपहास उड़ाया जा रहा है.
– शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंदसरस्वती

शंकराचार्य ने कहा कि महिलाओं को शनि और साईं की पूजा न कर उनका विरोध करना चाहिए.

स्वामी स्वरूपानंद इससे पहले भी साईं पूजा का विरोध कर चुके हैं. इसके लिए उन्होंने धर्म संसद भी बुलाई थी. शंकराचार्य का कहना है कि साईं हिंदू देवता नहीं हैं, इसलिए हिंदुओं को उनकी पूजा नहीं करनी चाहिए. (thequint.com)


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