शंकराचार्य ने कहा, ‘हर मुखिया (देश या राज्य) का व्यवहार धर्म के आचरण के अनुपालन में होना चाहिये, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ हो।’

shank

शारदापीठ व बद्रिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने बुधवार (13 अप्रैल) को कहा कि जब भी देश या राज्य का मुखिया धर्म या सदाचार की राह से भटकता है तो सूखा जैसी आपदाये आना अवश्यंभावी है। कनखल स्थित शंकराचार्य पीठ परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वरूपानंद ने कहा कि राजसत्ता सदैव ही धर्मसत्ता से निर्देशित होती आयी है और धर्म और सदाचार के आचरण से विमुख होते ही सूखा, अकाल तथा अन्य आपदाये आती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब अकाल, सूखा तथा अन्य आपदाएं आती हैं और यह स्थिति तब आती है जब देश का मुखिया अधर्म आचरण करता हो।’’

और पढ़े -   एक छात्रा के साथ छेडछाड के बाद बीएचयु छात्राओं ने किया प्रदर्शन कहा, लड़के देखकर करते है हस्तमैथून, नही मिली कोई भी सुरक्षा

शंकराचार्य ने कहा कि सभी चीजों को व्यवस्थित रखने के लिये मुखिया को धर्म के हिसाब से उचित आचरण करना चाहिये। हालांकि, इस संबंध में उन्होने किसी राजनेता का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि शासन करने वाले सभी लोगों को इस स्वर्णिम नियम का पालन करना चाहिये। शंकराचार्य ने कहा, ‘हर मुखिया (देश या राज्य) का व्यवहार धर्म के आचरण के अनुपालन में होना चाहिये, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ हो।’

और पढ़े -   गैंगरेप मामले में झूठ के जरिये मुजफ्फरनगर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश, अफवाह फैलाने वाले शख्स को ट्विटर पर फोलो करते है मोदी

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में देश की राजनीति दिशाहीन हो गयी है और लोककल्याण के कार्य नहीं हो रहे हैं। (jansatta.com)


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE