नई दिल्ली। भारत के 10 हजार छात्रों को पीएचडी करने के लिए हर साल अमरीका भेजा जाना चाहिए। यह कहना है इन्फोसिस के सह संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति का जो  ‘विजन 2020’ को सम्बोधित कर रहे थे

उन्होंने कहा कि छात्रों को महत्वपूर्ण क्षेत्रों विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित में पीएचडी के लिए भेजना जरूरी है। उन्होंने कहा,  भारत और अमरीका को आपस में एक करार करना चाहिए। यह क्रम अगले 50 साल तक जारी रखना होगा। हर साल इस पर करीब 330 अरब रुपए का खर्च आएगा, पर इसका फायदा कई गुना ज्यादा मिलेगा। मूर्ति के मुताबिक, ये छात्र अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाली समस्याओं के हल के लिए तैयार रहेंगे। 
छात्र 10 साल भारत में ही दें सेवा
मूर्ति के मुताबिक, करार में यह शामिल होना चाहिए कि पीएचडी के बाद छात्र अमरीका में रोजगार नहीं कर पाएंगे। वे भारत आकर कम से कम 10 साल तक अपनी सेवा प्रदान करेंगे। इससे अमरीका को भी फायदा होगा।
इंफोसिस ने 2,100 कर्मियों को दिया प्रमोशन
इंफोसिस ने दिसंबर तिमाही के रिजल्ट से मिली खुशियां कर्मचारियों के बीच भी बांटी है। बंपर कमाई से गदगद इन्फोसिस ने अपने 2,100 कर्मचारियों को प्रमोशन दिया है। 
दरअसल, मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के रिजल्ट में कंपनी मार्केट के अनुमानों को झुठलाते हुए बड़ी प्रतिद्वंद्वी टीसीएस से आगे निकल गई जबकि टीसीएस लक्ष्य पर खरा नहीं उतर पाया। 
इन्फोसिस के प्रवक्ता ने कर्मचारियों के प्रमोशन की खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक जनवरी से ही लागू हो जाएगा। पूरी कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके परफॉर्मेंस और उनकी भूमिका के आधार पर प्रमोशन लेटर्स सौंपे जा चुके हैं। (राजस्थान पत्रिका)

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