नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सहारा की उन संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है जो विवोदों से परे हों। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप के ‘अवैध’ बॉन्ड्स में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए सेबी को सहारा की संपत्तियां बेचने की जिम्मेदारी दी है।

अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक्सपर्ट एजेंसियां सहारा की उन 86 संपत्तियों की कीमत तय करे जिन्हें लेकर कोई विवाद नहीं है। सहारा की संपत्तियों के लिए अगर संबंधित क्षेत्र के सर्कल रेट के 90 प्रतिशत से कम की बोली मिलती है तो उसकी बिक्री नहीं की जाए। खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि सहारा की ऐंबी वैली क्यों नहीं बिकनी चाहिए?

कुछ दिनों पहले ही सहारा ग्रुप के लिए राहत की खबर अमेरिका से आई थी जहां वह अपने दो होटलों की नीलामी टालने में कामयाब रहा था। ग्रुप को अपने होटल बचाने के लिए जून तक की मोहलत मिल गई।

सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा लंबे समय से जेल में बंद हैं। उन्हें मार्च 2014 में तब गिरफ्तार किया गया था जब वह कोर्ट के आदेश पर निवेशकों के पैसे लौटाने में नाकामयाब रहे थे। जून 2015 में कोर्ट ने कहा था कि सहारा समूह को कुल 360 अरब रुपये निवेशकों को लौटाने होंगे। अगर, संपत्तियां बेचकर पैसे जुटा लिए जाते हैं तो सहारा प्रमुख भी जेल से छूट जाएंगे। (Live India)

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