मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने लगभग डेढ़ सौ साल पुराने देशद्रोह कानून खत्म करने की तैयारी शुरु कर दी हैं। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को बदलने के लिए तत्पर है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को बदलने से पहले देश के सभी रजनीतिक दलों के साथ रायशुमारी करना भी जरूरी है।

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उन्होंने कहा कि पुराने कानूनों का रिव्यू करने के लिए सरकार ने लॉ कमीशन का गठन कर दिया है। कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर सभी की राय ली जाएगी। वर्तमान आईपीसी की धारा 124-ए मुताबिक, अगर कोई भी शख्स सरकार विरोधी आर्टिकल लिखता है या बोलता है या फिर ऐसी बातों का सपोर्ट करता है, या नेशनल सिम्बल्स और कांस्टीट्यूशन को नीचा दिखाने की कोशिश करता है, तो उसे तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। देशद्रोह कानून 1860 में अंग्रेजों बनाया था और 1870 में इसे आईपीसी में शामिल कर दिया गया। (News24)

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