लखनऊ | उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी का कद भी बड़ा हो गया है. लगातार खबरे आ रही है की योगी सरकार बनने के बाद प्रदेश भर में हिन्दू युवा वाहिनी ज्वाइन करने वाली की संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है. इसके अलावा कुछ ऐसी घटनाये भी सामने आई है जिनमे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हिन्दू युवा वाहिनी के लोगो का नाम जुड़ा है.

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अभी हाल ही में बुलंदशहर में एक वृद्ध व्यक्ति की हत्या में भी हिन्दू युवा वाहिनी के नेता का नाम सामने आया था. इसके अलावा हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्य द्वारा मेरठ में विवादित पोस्टर लगाने के मामले ने काफी तूल पकड़ा था. जहाँ बीजेपी और आरएसएस इस तरह की खबरों से परेशान नजर आ रहे है वही वो हिन्दू युवा वाहिनी की बढती ताकत से भी चिंतित है.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार अभी हाल ही में लखनऊ के एक होटल में आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व ने योगी अदित्यनाथ से मुलाकात की थी. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में आरएसएस ने हिन्दू युवा वाहिनी को लेकर योगी को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा की पिछले दो महीने के अन्दर उग्र हिन्दू युवा वाहिनी कार्यकर्ताओ का सम्प्रदायिक घटनाओं में नाम सामने आया है. जिसकी वजह से सरकार की बदनामी होने का खतरा है.

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आरएसएस ने योगी से कहा की इन घटनाओ की वजह से सरकार की छवि धूमिल हो रही है. वैसे भी 15 साल बाद सूबे में बीजेपी की सरकार आई है और दो साल बाद लोकसभा के चुनाव भी है. आने वाले चुनावो में इन घटनाओ की वजह से पार्टी पर विपरीत असर पड़ सकता है. इसी वजह से आरएसएस ने योगी को कड़ा सन्देश देते हुए इन घटनाओ पर रोक लगाने और हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओ पर लगाम लगाने के लिए कहा है.

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