भगवान और देश की पूजा में फर्क
‘इंडिया टुडे टीवी’ पर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में नजीब जंग ने कहा कि वह हर सुबह अपनी 95 साल की मां के पैर छूते हैं. क्या यह उनकी पूजा है? उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि विवादों के बीच लोग भाषा और शब्दों का सही मतलब खो रहे हैं. पूजा के कई आयाम हैं और भारत माता की जय कहना अपने देश की पूजा है. पर यह अलग तरह की पूजा है.’ जंग ने कहा कि मैं किसी समुदाय या मजहब का प्रतिनिधित्व नहीं करता. भारत माता की जय पर बहस बनावटी विवाद है.

भारत माता की जय न कहने का भी हक
जंग ने कहा कि देश के नागरिकों को हक है कि वह चाहें तो भारत माता की जय न बोलें, इससे वह एंटी नेशनल नहीं हो जाते. जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व कुलपति जंग ने कहा कि मेर मानना है कि लोगों को अपने देश की निंदा नहीं करनी चाहिए. देश निर्माण तो देश के युवाओं के निर्माण प्रक्रिया का ही हिस्सा होता है.

कन्हैया को अभी गाइडेंस की जरूरत
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में बीते दिनों हुए विवाद के बारे में बोलते हुए नजीब जंग ने कहा कि वहां के कुलपति नए हैं. उन्हें व्यवस्थित होने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए. हमारी बातचीत हुई है. ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज करना चाहिए था. उन्होंने कन्हैया कुमार के बारे में कहा कि जेएनयू के इस छात्र नेता को गाइडेंस की जरूरत है. मैंने कई युवा नेताओं को देखा है. कन्हैया अच्छा भाषण देता है पर मैं उसकी तारीफ नहीं करता.

केजरीवाल के सवाल पर बिस्मिल का शेर
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से अपने रिश्ते पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल का एक शेर पढ़कर अपनी बात पूरी की. उन्होंने ‘वक्त आने पे बता देंगे तुझे ये आसमां, हम अभी से क्या बताएं क्या तेरी महफिल में है.’ केजरीवाल उन पर बीजेपी के एजेंट होने का आरोप लगाते रहे हैं. (aajtak.intoday.in)


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