हरियाणा का रोहतक ज़िला जाट आरक्षण आंदोलन की आग में झुलस रहा है. ज़िले में कर्फ़्यू है, सेना तैनात है. ज़िला प्रशासन के मुताबिक़ सेना को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं. बावजूद इसके शहर के लोगों में डर और बेचैनी का माहौल है. लोग सोशल मीडिया के ज़रिए मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्री से संपर्क करने की कोशिशें कर रहे हैं.

रोहतक

हरियाणा में कुछ दिनों से जाट समुदाय आरक्षण की मांग करते हुए सड़कों पर उतरा हुआ है. शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर हिंसा हुई है और कई ज़िलों में फ़ौज तैनात की गई है. शुक्रवार और शनिवार को हुई हिंसा में नौ लोगों की मौत हुई है. रोहतक, सोनिपत, भिवानी, झज्जर से होकर गज़रने वाले राजमार्गों पर यातायात बंद है और रेल यातायात बाधित हुआ है.

पूरी शनिवार रात को रोहतक शहर में गश्त लगाने वाले रोहतक के एसडीएम दलबीर सिंह ने बीबीसी को बताया, “शहर के हालात तनावपूर्ण हैं. पुलिस और सेना पूरी तरह चौकन्नी है.” उन्होंने कहा, “अफ़वाहों की वजह से लोगों में डर है. शनिवार रात किसी तरह की घटना की सूचना नहीं मिली है. रविवार का दिन अहम हैं. कुछ ग़ैर सामाजिक तत्व माहौल का फ़ायदा उठाकर लूटमार की कोशिश कर रहे हैं.”

रोहतक के एक शहरी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बीबीसी को फ़ोन पर बताया, “बीती रात लोगों में हिंसा का डर था, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं. अभी हालात में कुछ सुधार लग रहा है.”

हरियाणा के रोहतक से ट्वीट

रितविक जैन ने ट्विटर पर लिखा, (@rtwk271294) ‘प्रधानमंत्री मोदी जी, खट्टर जी, रोहतक को आपकी ज़रूरत है. हमने जिन उम्मीदों से आपको चुना था उन्हें निराश मत कीजिए.’

अभिषेक सहगल ने लिखा, “मोदी जी, खट्टर जी, रोहतक के हालात बेहद ख़राब हो गए हैं. सख़्त क़दम उठाइये.”

आशीष अत्री ( @a1attri) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को ट्वीट किया, “हमारी मदद कीजिए. रोहतक में आगजनी और लूटमार हो रही है और सेना देख रही है. मासमू नागरिक डरे और सहमे हुए हैं.”

गौरव बजाज (@gbajag) ने नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए ट्वीट किया, “माननीय प्रधानमंत्री जी, आप से निवेदन है कि रोहतक के मौजूदा हालात का जायज़ा लें. लोग बहुत डरे हुए हैं.”

दीपाली ढींगरा (@deepali_saggi) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को ट्वीट किया, “कृपया रोहतक को बचा लीजिए. शहर जल रहा है. मेरे परिजनों और रिश्तेदारों की जान पर ख़तरा मंडरा रहा है. ”

हिना त्रिखा ([email protected]) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को संबोधित ट्वीट में लिखा, “कृपया चिन्यूत कॉलोनी, सर्कुलर रोड, रोहतक में पुलिस भेजकर हमारी मदद कीजिए. आपात क़दम उठाइये.”

योगेश सालूजा (@yogeshsaluja40) ने लिखा, “रोहतक आग में झुलस रहा है, मेरा आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि मेरे रोहतक शहर को बचा लीजिए.”

अनुराग (@caanuragrai) ने पीएमओ को ट्वीट किया, “पुलिस और सेना कुछ नहीं कर रही है, कृपया मदद कीजिए.”

जाट हिंसा

नीलकांत बख़्शी ने लिखा, “सुप्रभात मोदी जी, 7आरसीआर से सिर्फ़ 82 किलोमीटर दूर लोग डर के मारे सो नहीं पा रहे हैं. क्या आप रोहतक में शांति स्थापित कर सकते हैं.” ट्विटर पर सरकार से संवाद करने के लिए बहुत से अकाउंट नए भी बनाए गए हैं. हमें दर्जनों ऐसे प्रोफ़ाइल दिखे जो बीते दो दिनों के अंदर बनाए गए हैं और जिनसे सिर्फ़ सरकारी कार्यालयों को संपर्क किया जा सकता है.

स्थानीय लोगों की शिकायत है कि रोहतक प्रशासन से संपर्क नहीं हो पा रहा है. वहीं फ़ेसबुक पर सेव रोहतक फ़ेमिलीज़ नाम का एक पेज भी बनाया गया है. इस पेज से जुड़े लोग आज राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं. इस पेज से जुड़े रोहित ने बीबीसी को बताया, “हम दिल्ली में हैं लेकिन रोहतक में हमारा परिवार बेहद डर के माहौल में रह रहा है. हम चाहते हैं कि सरकार इसमें आपात स्तर पर दख़ल दे और शांति स्थापित करे.”

इस पेज पर आई टिप्पणियों में कई लोगों ने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है. वहीं रोहतक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “अफ़वाहों ने शहर का जातिगत आधार पर ध्रवीकरण कर दिया है. लोगों में विश्वास बहाल करना हमारी सबसे बड़ी चुनौती है. हमारे सारे प्रयास इसी और केंद्रित हैं.”

उधर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ख़ट्टर ने शनिवार शाम को ट्वीट कर हरियाणा निवासियों को शांति बनाए रखने की अपील थी और कहा था कि ‘सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से किसी का फ़ायदा नहीं होगा.’ (BBC)


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