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नई दिल्ली | नोट बंदी के बाद जनधन खातो में जमा हो रही भारी भरकम रकम ने केंद्र सरकार की नींदे उड़ा दी है. मोदी सरकार को पूरा शक है की कुछ लोग अपने कालेधन को सफ़ेद करने के लिए जनधन खातो का इस्तेमाल कर रहे है. इसी को देखते हुए आज जनधन खातो के ऊपर कुछ बंदिशे लगायी गयी है. अब किसी भी जनधन खाते से महीने में केवल 10 हजार रूपए तक ही निकाले जा सकेंगे.

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बुधवार को आरबीआई ने जनधन खातो के लिए नयी गाइडलाइन जारी की. इसमें कहा गया की जिन जनधन खातो की KYC हो चुकी है वो महीने में 10 हजार रूपए तक निकाल सकेंगे. जिन खातो की अभी KYC नही हुई है वो लोग महीने में केवल 5 हजार रूपए निकाल पायेंगे. यह बंदिश आज से शुरू हो गयी है. हालांकि आरबीआई ने कहा है की यह सीमा हमेशा के लिए नही लगाई गयी है.

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बुधवार को जारी गाइडलाइन में कहा गया की अगर किसी शख्स को ज्यादा पैसो की जरुरत है तो वह बैंक मेनेजर से बात कर ज्यादा रकम भी निकाल सकेगा लेकिन इसके लिए मेनेजर को यह साबित करना होगा की उसको किसी इमरजेंसी के लिए ज्यादा पैसो की जरुरत है. हालांकि आरबीआई ने यह नही बताया की ऐसी स्थिति में उसे कितना पैसा और दिया जा सकेगा.

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मालुम हो की नोट बंदी के बाद से जनधन खातो में करीब 75 हजार करोड़ रूपए जमा हो चुके है. देश में करीब 25 करोड़ जनधन खाते है जिनमे नोट बंदी से पहले नाम मात्र का ट्रांजेक्सन होता था. अभी भी सभी खातो में यह पैसा नही पहुंचा है. करीब 23 फीसदी खाते में अभी भी जीरो बैलेंस है. इसी वजह से केंद्र सरकार इन खातो को लेकर चिंतित है.


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