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केंद्र सरकार की ओर से नोटबंदी के फैसले के बाद देश में पैदा हुए अफरा-तफरी और परेशानी के माहोल को लेकर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन ने RBI गवर्नर उर्जित पटेल का इस्तीफा माँगा हैं.

ऑल इंडिया बैंक ऑफिशर्स कंफेडरेशन (एआईबीओसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी. थॉमस फ्रैंको ने कहा कि, “या तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या वित्त मंत्री अरुण जेटली को नोटबंदी के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी होगी. आरबीआई गर्वनर को सरकार को इससे जुड़े तमाम मुद्दों जैसे बैंकिंग क्षेत्र को इसके लिए तैयार होने में कितना समय लगेगा आदि की सही सलाह देनी चाहिए थी.

फ्रांको ने आगे कहा है कि उर्जित पटेल को पिछले 12 दिनों में 11 बैंक अधिकारियों की मौत की नैतिक जवाबदेही लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा, वर्तमान आरबीआई गवर्नर सही फैसले लेने में विफल रहे हैं जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा है.  फ्रेंको ने आगे कहा, “आरबीआई को जिम्मेदारी उठाना चाहिए और वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए कि 500 और 1,000 रुपये की क्यों नोटबंदी की गई.

फ्रांको ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या वित्त मंत्री अरुण जेटली कोई अर्थशास्त्री नहीं हैं. अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर असर डालने वाले सही फैसले लेने के लिए रिजर्व बैंक में अर्थशास्त्री हैं. मौजूदा गवर्नर अपने पद पर पूरी तरह फेल साबित हुए हैं जिन्होंने बिना प्लानिंग के इतना महत्वपूर्ण आर्थिक फैसला लिया जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था और ज्यादातर लोगों की जिंदगी में तबाही मची हुई है.”

उन्होंने कहा कि 500 रुपए के नए नोट 11 दिन बीत जाने के बाद भी ठीक से नहीं पहुंचे हैं. उन्होंने कहा, “जब उन्होंने ये तय किया था कि 2000 का नोट छापना है, तब उन्हें 500 का नोट छापने से किसने रोका था. इन नोट पर साइन गवर्नर ने किया. उनकी टीम ने ये क्यों नहीं समझा कि 2000 के नए नोट 1000 के पुराने नोट से छोटे हैं जिसकी वजह से देश के 2 लाख एटीएम को ठीक करना पड़ रहा है.”


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