नई दिल्ली | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर दर्ज मानहानि के मुक़दमे में पैरवी करते हुए मशहूर वकील रामजेठमलानी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर सवालों की बौछार कर दी. इस दौरान दोनों के बीच कई बार तीखी नोक झोख भी हुई. राम जेठमलानी ने जेटली से कई ऐसे सवाल भी किये जिससे वो असहज हो गए. यह लगातार दूसरी सुनवाई है जिसमे जेटली को रामजेठमलानी के कड़े सवालो के जवाब देने पड़े है.

सोमवार को अदालत में अरविन्द केजरीवाल पर किये गए मानहानि केस पर सुनवाई शुरू हुई. सुनवाई शुरू होते ही केजरीवाल की तरफ से केस लड़ रहे राम जेठमलानी ने अरुण जेटली से सवाल पूछने शुरू किये. सबसे पहले उन्होंने जेटली से पुछा की आपने मानहानि केस के दौरान कहा था की फिरोजशाह कोटला मैदान के निर्माण के लिए कुछ उधोगपति घरानों से डोनेशन लिया गया था. जिसमे अम्बानी ने भी 22 करोड़ रूपए की पेशकश की थी?

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इस पर अपनी सहमती जताते हुए जेटली ने कहा की मैदान के निर्माण के लिए सरकारी नियमो के तहत ही उधोगपतियो से डोनेशन लिया गया. इसके लिए अम्बानी की तरफ से भी प्रपोजल आया था. अगले सवाल में जेठमलानी ने पुछा की क्या एमसीडी का यह भी प्रस्ताव था की अगर स्टेडियम का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रख दिया जाए तो वो निर्माण का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार है.

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इस पर भी जेटली ने सहमती जताई लेकिन उन्होंने कहा की इस प्रपोजल पर विचार नही किया गया. अपने अगले सवाल में जेठमलानी ने पुछा की क्या आप नही चाहते थे की स्टेडियम के निर्माण में सरकारी हस्तक्षेप हो इसलिए आप चाहते थे की स्टेडियम खुद से पैसो का इंतजाम कर निर्माण कराये. जवाब में जेटली ने कहा की यह झूठ है क्योकि एक प्राइवेट कंपनी को बिडिंग के जरिये ठेका दिया गया था.

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राम जेठमलानी ने ऐसे ही करीब 42 सवाल जेटली से पूछे. करीब सवा दो घंटे तक कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कई ऐसे मौके आये जब दोनों के बीच तीखी नोक झोक हुई. एक ऐसे ही मौके पर जेठमलानी ने कहा की क्या आपको लगता है की आपके आचरण को प्रमाणित करने के लिए मोदी जी को अदालत में गवाह के रूप में बुलाना पड़ेगा. क्योकि उन्होंने ही आपको मंत्री बनाया है. वो आपके बारे में बेहतर जानते है. मामले की अगली सुनवाई 17 मई को होगी.


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