विवादों में बने रहने वाले योग गुरु रामदेव ने अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय को लेकर एक विवादित बयान दिया हैं जिसके बाद माना जा रहा हैं कि ये बयान एक बड़ा विवाद खड़ा सकता हैं.

मंगलवार को रामदेव ने ईसाईयों पर धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए कहा कि साइयों ने परोपकार किये हैं लेकिन साथ ही धर्मांतरण की गतिविधियों में भी शामिल रहे जबकि हिन्दुओं ने इस तरह की चीजों से परहेज किया. एक कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया, ”वे लोग सेवा करते हैं, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल चलाते हैं, इसके साथ ही वे धर्मांतरण भी करते हैं.

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रामदेव ने आगे कहा कि हम लोग योग सिखाने सहित अन्य सेवाएं निशुल्क करते हैं लेकिन हम लोगों ने किसी का मजहब नहीं बदला बल्कि उनका जीवन बदला. लोग अक्सर ईसाइयों से परोपकार सीखने को कहते हैं लेकिन लाखों हिन्दू साधु और चैरिटेबल ट्रस्ट इसी तरह की सेवाएं प्रदान करते हैं.


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