नई दिल्ली: बाबा रामदेव ने  ट्वीट कर के बताया की वो ऑफिस के काम में ब्यस्त रहने के कारण वो जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक प्रोग्राम में वो हिसा नहीं ले पायेगे । दरशल मामला यह है की राजधानी दिल्ली से प्राप्त हो रहे समाचार के मुताबिक ‘जेएनयू’ यानि की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक समूह ने अपने संस्थान के द्वारा आयोजित किये गए एक प्रोग्राम में बाबा रामदेव के बुलाने पर जबरदस्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया है.

और पढ़े -   चीन को कड़ा जवाब, बॉर्डर पर भेजे टैंक

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्रों के इस समूह ने बाबा रामदेव के प्रमुख वक्ता के तौर पर आमंत्रित करने का विरोध किया है. इस बाबत विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के इस समूह का कहना है कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी बाबा रामदेव को बुलाकर एक प्रकार से ‘दक्षिणपंथ का एक मूक हमला’ है.

रामदेव ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि मैंने और मेरे कार्यालय ने जेएनयू में किसी परिचर्चा या कार्यक्रम की पुष्टि नहीं की है। अगर वक्त होता तो मैं अपने वैचारिक रुझान के बावजूद स्पष्ट, वैज्ञानिक और तार्किक चर्चा के लिए निश्चित तौर पर जाता। निकट भविष्य में जब भी संभव होगा जेएनयू में छात्रों और संकाय के साथ बात करना पसंद क

और पढ़े -   गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्या पर सुप्रीम कोर्ट की मोदी सरकार को फटकार

अपनी मांग पूरी नहीं होने पर छात्रों ने विश्वविद्यालय के अध‍िकारियों को विरोध प्रदर्शन का सामना करने की धमकी दी है. बता दें कि इस सम्मेलन का आयोजन 27 से 30 दिसंबर तक हो रहा है और रामदेव को 30 दिसंबर को संबोधन के लिए बुलाया गया है

जेएनयू छात्र संघ उपाध्यक्ष शहला राशिद शोरा ने कहा, ‘जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान को इस तरह के लोगों को एक शैक्षणिक सभा को संबोधित करने के लिए नहीं बुलाना चाहिए जिनकी पृष्ठभूमि पर सवालिया निशान हैं.’ वहीं विश्वविद्यालय के प्रवक्ता मुद्दे पर टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे. साभार: rtinews

और पढ़े -   मुख्य न्यायाधीश ने रामनाथ कोविंद को दिलाई देश के 14वें राष्ट्रपति पद की शपथ

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE