struggle story of baba ramdev

वड़ोदरा – जलती हुई चिंगारी को हवा देते हुए बाबा रामदेव ने कहा की ‘भारत माता की जय’ बोलने के लिए संविधान में संशोधन किया जाये तथा प्रत्येक नागरिक को इसे बोलना ज़रूरी किया जाये. योग गुरु रामदेव ने अपने एक बयान में पिछले काफी समय से देश में चर्चा का मुद्दा बने कई मसलों पर अपनी टिप्पणियां कीं। हाल में सबसे सरगर्म मुद्दा है, एआईएमआईएम के नेता ओवैसी के द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान का, जिसमें उन्होंने भारत माता की जय बोलने से इनकार किया था।

उनका कहना था कि संविधान उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं करता। रामदेव ने इस संबंध में कहा कि संविधान में संशोधन करके ‘भारत माता की जय’ के नारे को अनिवार्य कर देना चाहिए।

 साथ ही रामदेव ने कहा कि गौ-हत्या पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए ताकि देश में सांप्रदायिक समन्वय बना रहे। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री से अपील की और यह उम्मीद भी जताई कि प्रधानमंत्री की ओर से उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी। इतिहास के हवाले से उनका कहना था कि 18वीं शताब्दी तक देश में इस तरह का कोई प्रचलन नहीं था। मुगल शासक औरंगज़ेब ने भी अपने शासन में गौ-हत्या पर प्रतिबंध लगा रखा था।

इसके अलावा रामदेव ने कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की भी खिंचाई की। रामदेव ने थरूर पर, जेएनयू मामले में राजद्रोह के आरोपी छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की शहीद भगत सिंह से तुलना करने पर निशाना साधा।


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