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राज्यसभा में बुधवार को कश्मीर में जारी हिंसा पर चर्चा के दौरान दौरान विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस संवेदनशील मुद्दे पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन से गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि “भारत का ताज (कश्मीर) धधक रहा है। आपने भी दिल में न सही, दिमाग में जरूर इसकी तपिश महसूस की होगी”

उन्होंने कहा कि जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत की बात अटल जी के ही मुंह से अच्छी लगती थी. लेकिन, केंद्र सरकार को उस पर विश्वास नहीं है ऐसे में उनके मुंह से यह अच्छा नहीं लगता. उन्होंने यह भी कहा अकेले सीएम महबूबा मुफ्ती हालात पर काबू नहीं कर सकती हैं. क्योंकि, राज्य के पास संसाधन कम हैं.

पीएम पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि पीएम मोदी को सदन में रहकर इसपर बयान देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक दर्द होता तो कश्मीर पर आवाज मध्यप्रदेश से नहीं आती. उन्होंने कहा कि पिछले एक माह से भी ज्यादा समय से राज्य में कर्फ्यू लगा हुआ है. कई लोग मारे जा चुके हैं. ऐसे में सदन को कश्मीर की आवाम से अपील करनी चाहिए कि सभी अमन के लिए काम करें. उन्होंने कहा कि ‘ऑल पार्टी’ दल कश्मीर जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, “केवल कश्मीर के सौंदर्य से ही प्यार न करें। उनसे भी प्यार करें, जो नेत्रहीन हो गए हैं, घायल हुए हैं और मारे गए हैं.” घाटी में पिछले एक माह से अधिक समय से जारी हिंसा व तनाव के दौरान अब तक 55 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों घायल हुए हैं. घायलों में सैकड़ों लोगों की आंखों की रोशनी आंशिक रूप से या पूरी तरह चली गई है.


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