नई दिल्ली | केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मोदी सरकार के हालिया नोटिफिकेशन पर सफाई देते हुए कहा है की हम या हमारी पार्टी किसी को बीफ खाने से नही रोक रही है. राजनाथ ने कहा की लोगो ने गलत धारणा बनाते हुए ,पशु वध पर जारी नोटिफिकेशन को बीफ बैन से जोड़ दिया, जो सही नही है. दरअसल 26 मई को मोदी सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पशु वध के लिए मवेशियों की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी थी.

मोदी सरकार के इस फैसले का कई दक्षिणी और उत्तर पूर्व राज्यों ने विरोध किया और इस फैसले को वापिस लेने की अपील की. दरअसल लोगो का मानना था की केंद्र सरकार वध के लिए पशु की खरीद फरोख्त पर रोक लगाकर अप्रत्याशित तरीके बीफ को बैन करना चाहती है. लेकिन राजनाथ सिंह ने इन बात को खंडन करते हुए स्पष्ट किया की सरकार का इरादा किसी के खाने को तय करने का नही है.

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द हिन्दू से बात करते हुए राजनाथ ने कहा की हम यह समझते है की हमारा देश विविध संस्कृतियों का देश है. हम न किसी को कुछ खाने से रोक रहे है और न ही यह तय कर रहे है की कोई क्या खायेगा? राजनाथ ने आगे कहा की केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन पर केरल हाई कोर्ट के फैसले को पढना चाहिए. उन्होंने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है की इस नोटिफिकेशन से किसी को उनकी पसंद का खाना खाने से नही रोका जा रहा है.

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राजनाथ ने कहा की हाई कोर्ट के फैसले के बाद नोटिफिकेशन पर शक की कोई गुजांइश नही रह गयी है. हालाँकि मैं मानता हूँ की लोगो के अन्दर एक धारणा जरुर बनी है की इसके जरिये बीफ को बैन किया जा रहा है लेकिन अब लोगो को पता चल गया है की उनकी धारणा गलत थी. अगर फिर भी लोगो के अन्दर यह ग़लतफ़हमी है तो हम पर्यारण मंत्रालय से मिलकर नोटिफिकेशन में जरुरी बदलाव करवाएंगे.

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हिंदी को संसद की अधिकारिक भाषा बनाये जाने के सवाल पर राजनाथ ने कहा की देश में एक बड़ी आबादी हिंदी बोलती है और समझती है. इसलिए मैं इसे अच्छी पहल मानता हूँ और इसका समर्थन करता हूँ. हालाँकि हम किसी के ऊपर हिंदी को नही थोप रहे है. कश्मीर मसले पर राजनाथ ने कहा की वह इस मुद्दे पर किसी से बात करने के लिए तैयार है. हाथ में पत्थर लिए कश्मीरी बच्चे भी हमारे बच्चे है. इनको पत्थर थमाने वालो को इनके भविष्य के बारे में सोचना चाहिए.


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