देश में बुलेट ट्रेन के चलाने के दावे करने वाली मोदी सरकार रेलवे यात्रियों को खाने लायक भोजन भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है. सीएजी के आडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि रेलवे में परोशे जा रहे खाने इंसानी इस्तेमाल के मापडंडों से बहुत नीचे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेनों और स्टेशनों पर परोसी जा रही चीजें प्रदूषित हैं. डिब्बाबंद और बोतलबंद चीजों को उनके सुरक्षित इस्तेमाल के लिए तयशुदा टाइम पीरियड के गुजर जाने के बावजूद बेचा जा रहा है. इसके अलावा, अनाधिकृत ब्रैंड की पानी की बोतलें बेची जा रही हैं.

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साथ ही जांच में यह भी पाया गया कि रेलवे परिसरों और ट्रेनों में साफ-सफाई का बिलकुल ध्यान नहीं रखा जा रहा. इसके अलावा, ट्रेन में बिक रहीं चीजों का बिल न दिए जाने और फूड क्वॉलिटी में कई तरह की खामियों की भी शिकायतें हैं. सीएजी और रेलवे की जॉइंट टीम ने 74 स्टेशनों और 80 ट्रेनों का दौरा कर ये रिपोर्ट बनाई है.

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रिपोर्ट के मुताबिक,भारतीय रेल प्रशासन जरूरी बेस किचन, ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीनें जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावशाली कदम उठाने में नाकाम रहा. सर्वे के दौरान ये बात सामने आई है कि, भारतीय रेलवे में स्वच्छता को बनाए रखने के लिए स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक और साफ-सुथरी चीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.


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