मुंबई | देश के सबसे बड़े उर्दू शायरों में से एक राहत इंदौरी , शनिवार को चर्चित कॉमेडी शो, कपिल शर्मा शो पर मेहमान बनकर आये हुए थे. उनके साथ आम आदमी पार्टी के नेता और मशहूर हिन्दू कवि कुमार विश्वास और शायरा शबीना अदीब भी शो में शामिल हुए. शो में तीनो मेहमानों ने अपनी शेरो शायरी से ऐसा शमा बाँधा की वहां मौजूद सभी दर्शक आनंद से झूम उठे. इन तीनो की दर्शको को एक से बढ़कर शायरी सुनाई.

हंसी मजाक और शेरो शायरी के माहौल के बीच राहत इंदौरी ने कुछ शेर ऐसे भी पढ़े जो आजक के सियासी लोगो और हालातो पर बिलकुल सटीक बैठते है. उन्होंने राजनीती के बढ़ते अपराधीकरण पर तंज कसते हुए एक शेर पढ़ा,’ बनके एक हादसा… हादसा बन के… बाजार में आ जाएगा… जो नहीं होगा वह अखबार में आ जाएगा… चोर, उचक्कों की करो कद्र… कि मालूम नहीं, कौन कब कौन सी सरकार में आ जाएगा…’

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हालाँकि उस समय शो में दो पार्टियों के नेता मौजूद थे लेकिन राहत इंदौरी ने शेर पढने से पहले ही कह दिया की यह शेर आप दोनों के लिए नही है. दरअसल हम शो में मौजूद कांग्रेस नेता और पंजाब से विधायक नवजोत सिंह सिद्धू और आप नेता कुमार विश्वास की बात कर रहे है. राहत इंदौरी यही नही रुके उन्होंने अपने अगले शेर में उन लोगो पर तंज कसा जो नफरत की राजनीती को बढ़ावा दे रहे है और देश को मजहब के नाम पर बांटने की कोशिश कर रहे है.

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राहत इन्दौरी ने शेर पढ़ते हुए कहा -:

अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो जान थोड़ी है.
ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है.
लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है.
मैं जानता हूँ के दुश्मन भी कम नहीं लेकिन
हमारी तरहा हथेली पे जान थोड़ी है.
हमारे मुँह से जो निकले वही सदाक़त है
हमारे मुँह में तुम्हारी ज़ुबान थोड़ी है.
जो आज साहिबे मसनद हैं कल नहीं होंगे
किराएदार हैं ज़ाती मकान थोड़ी है.
सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में
किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है.

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यह शेर सुनकर वहां मौजूद दर्शक अपने आप को राहत इंदौरी के सम्मान में खुद को खड़े होने से नही रोक पाया. यही नही शो में जज के रुप रहने वाले सिद्धू ने अपनी सीट से उठकर राहत इंदौरी के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया. राहत के अलावा कुमार विश्वास ने भी अपनी कई कविताओ से दर्शको का समां बाँध दिया. उनकी एक पुरानी कविता, कोई दीवाना कहता है, को सुनकर दर्शक मदहोश हो गए.


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