नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमर्त्य सेन ने मंगलवार को भारतीय रिसर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की स्वायत्तता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आजकल बैंक कोई फैसले नहीं करता, सभी निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं.

उन्होंने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वे कालाधन को सिस्टम से हटाने में असफल रहे, उन्होंने आगे कहा कि हालांकि मोदी को संदेह का लाभ मिलता रहेगा.

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एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि प्रधानमंत्री कालाधन खत्म करने के लिए कुछ कर रहे हैं, मोदी को संदेह का लाभ मिलता रहेगा, यह विचार कि अमीर लोगों को दिक्कत हो रही है, गरीबों को भा रहा है.

नोटबंदी के फैसले के लागू करने पर उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह आरबीआई का फैसला है. यह प्रधानमंत्री का ही होगा। मुझे नहीं लगता कि इस वक्त आरबीआई कोई फैसला करती है.

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सेन ने आगे कहा कि रघुराम राजन के कार्यकाल में आरबीआई काफी स्वतंत्र था. उसके लिए आई जी पटेल और मनमोहन सिंह जैसे अच्छे लोगों ने काम किया है. इससे पहले रेड्डी और जालान भी रिजर्व बैंक की स्वायत्तता बचाए रखने पर जोर दे चुके हैं.


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