भारत ने श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लांच पैड से एक और उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में एक और कदम आगे बढ़ा लिया है। इस उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो और उसके वैज्ञानिकों को बधाई दी है।

इसरो से जुड़े वैज्ञानिकों के मुताबिक़ पीएसएलवी की यह 33 वीं जबकि पीएसएलवी विस्तारित वर्जन की यह 11 वीं उड़ान है। यह पांचवां नेविगेशन सैटेलाइट है जो सात उपग्रह समूहों का हिस्सा है। फिलहाल अपने चार उपग्रहों के साथ इसरो सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम के भारतीय वर्ज़न के लिए 18 घंटे का सिग्नल मुहैया करा रहा है।

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यह अमेरिकी जीपीएस सिस्टम की तरह ही काम करता है, लेकिन इसका दायरा क्षेत्रीय है। भारत छठा देश है  जिसके पास ऐसा सिस्टम है। जानकारी के मुताबिक़ इस सिस्टम की भारतीय सेनाओं को तो काफी जरूरत है ही, लेकिन इससे आम लोगों को भी फायदा मिलेगा। साभार: राजस्थान पत्रिका


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