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रूहे ज़मीन पर सबसे पाक जगह, मदीना की बेहुरमती नाक़ाबिले बर्दाश्त हैं. मदीने शरीफ में रमजान के मुबारक माह में हुए आतंकी हमले की निंदा पूरे विश्व में हो रही हैं. वही भारत में विभिन्न स्थानों पर भी इस हमले के खिलाफ लोगो का गुस्सा फूटा. महाराष्ट्र के जिला भिवंडी के मुस्लमानो ने मदीने में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आक्रोश व्यक्त किया.

शुक्रवार को भिवंडी रजा अकादमी और मुस्लिम यूनिटी फाउंडेशन द्वारा विरोध हेतु स्व मीनाताई ठाकरे सभागृह में सुरक्षा हरमैन सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता अशरफुल सूफिया हज़रत अल्लामा सैयद मोहम्मद अशरफ ने की और हज़रत सूफी गुलाम नबी और रजा अकादमी, मुंबई के संस्थापक मोहम्मद सईद नूरी के संरक्षण मे सम्मेलन संपन्न हुआ.

सम्मलेन में शिरकत करने आये मौलाना युसूफ रश कादरी ने लोगो को सम्भोधित करते हुए कहा कि पैगम्बर-ए-इस्लाम के धर्म के अनुसार किसी भी निर्दोष की जान लेने की कल्पना भी नहीं की गयी हैं.

उन्होंने कहा किअलकायदा, तालिबान, आईएस, सिपाहे सहाबा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, जमात-उद-दावा आदि जैसे आतंकवादी संगठनों के बारे मे चौदह सौ वर्ष पूर्व पैगम्बर-ए-अरबी सलल्लाहो अलह वसल्लम ने भविष्यवाणी कर दी थी. नबी अकरम सलल्लाहो अलह वसल्लम ने मौजूदा दौर के फ़ित्ने ” ISIS ” एक-एक संकेत बयान कर दिए है और ISIS की पूरी अवधारणा खींच कर रख दी है.

मौलाना ने हदीस(Saying of Prophet Mohammad PBUH) का हवाला देते हुए बताया कि पैगम्बर सलल्लाहो अलह वसल्लम ने मुल्के शाम की ओर ऊँगली दिखाते हुए फ़रमाया कि एक गिरोह पैदा होगा नरसंहार करने वाला, उनके झंडे काले होंगे, उनके आंदोलन का नाम ” अलदौलह ” होगा, उनके नाम उपनाम (जैसे अबू मोहम्मद अदनान, अबू अल बगदादी, अबुउमर बगदादी, अबु मोसएब जरकावी) के साथ होंगे, उनके बाल लम्बे महिलाओं की तरह होंगे और उनके दिल लोहे की तरह सख्त होंगे. यह सभी लक्षण दुनिया के नक्शे में आप किसी आंदोलन में खोज करना चाहें तो आप को ‘आईएस’ नामक आंदोलन में मिल जाएंगी.

आगे अपने सम्भोधन में अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकी संगठनो को अमेरिका ने ही पोषित किया हैं, और यह संगठन विश्व भर में जो खून की होली खेल रहे हैं उसके लिए अमेरिका की सीआईए और इज़राइल की मोसाद हैं.

मौलान ने बताया कि पैगम्बर-ए-इस्लाम सलल्लाहो अलह वसल्लम ने कहा है कि “आतंकवादियों को पाओ तो उनको क़त्ल कर दो” हुज़ूर-अकरम के इस क़ौल को को पूरा करने के लिए इनके गुलामो को आतंकवादियों का सफाया कर देना चाहिए ताकि वह किसी बच्चे बूढ़े, औरतें और बेकसूरों की हत्या न करें और विश्व में बुराईयां पैदा न करें.

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