“संसद के गलियारों से लेकर सड़क तक भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं द्वारा दिए गए अल्पसंख्यकों पर हिंसा करने वाले वक्तव्यों की आलोचना”

उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के खिलाफ चल रहे तीखे ध्रुवीकरण की आंच दिल्ली तक पहुंच गई । आज देश की ससंद के गलियारे में आगरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में भाजपा के केंद्रीय मंत्री सहित बाकी नेताओं द्वारा मुसलमान विरोधी भड़काऊ भाषण पर तीखी बहस हुई।

विपक्षी नेताओं ने इन उत्तेजित करने वाले बयानों का संज्ञान देते हुए केंद्र सरकार से अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। आगरा में दिए गए उत्तेजक-भड़काऊ भाषणों का विरोध करने के लिए दिल्ली में आज एक धरना का आयोजन किया गया था, जिसमें सीधे-सीधे लिखा गया था, मैं मुस्लिम हूं, आओ मुझे मारो। इस नारे की तख्तियों के साथ आज जंतर मतर पर बड़ी संख्या में लोग केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों का विरोध करने के लिए जुटे थे। अनहद संस्था की शबनम हाशमी ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया का आगरा में सीधे-सीधे अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देना गैर-कानूनी है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

शबनम सहित बाकी लोगों को मानना था कि अल्पसंख्यकों के लिए बेहद खतरनाक समय है। भाजपा के लोग अब खुलकर हमला बोल रहे हैं। ऐसे हमलों के प्रति सरकार और भाजपा का नेतृत्व न सिर्फ खामोश हैं, बल्कि मूक दर्शक बने हुए हैं। यह एक खतरननाक स्थिति है।

संसद से लेकर बाहर तक भाजपा के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के खिलाफ आवाज उठ रही है। हालांकि भाजपा के शीर्ष  नेताओं का मानना है कि इस तरह के ध्रुवीकरण से पार्टी का आधार और सुदृढ़ हो रहा है। (outlookhindi)


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