भारत के  मुसलमानों ने बहरीन और यमन के मुसलमानों पर जारी आले खलीफ़ा और आले सऊद के अत्याचारों और अपराधों के विरुद्ध नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र कि कार्यायल के बाहर प्रदर्शन किया।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने आले खलीफ़ा मुर्दाबाद, आले सऊदी मुर्दाबाद, अमरीका मुर्दाबाद और इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए बहरीन और सऊदी अरब बलों के अपराधों और अत्याचारों को रोके जाने की मांग करते हुए कहा है कि आले खलीफ़ा और आले सऊद के यह कार्य इस्लामी देशों में समुदायिक हिंसा और कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रही है।

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प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की चुप्पी के बीच बहरीन और यमन में मानवाधिकार की विकट होती स्थिति पर दुख प्रकट किया और, आले सऊदी और आले खलीफा से अपनी नफरत का एलान किया।

दिल्ली ओलेमा संसद के सचिव मौलाना आबिद अब्बास ने प्रदर्शन में कहाः बहरीन में जुल्म और अत्याचार को रोका जाना चाहिए और बहरीन सरकार को वरिष्ठ शिया धर्मगुरु शेख ईसा कासिम और उनके साथ जिनके गिरफ्तार किया गया है उनको तुरंत रिहा किया करना चाहिए।

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मौलाना जलाल हैदर ने भी कहाः अमरीका, इस्राईल और सऊदी अरब के समर्थन से बहरीन की जनता पर जारी अत्याचारों को समाप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को कदम उठाना चाहिए।

भारत के मुसलमानों ने अपने घोषमा पत्र में बहरीन और यमन के मुसलमानों के साथ अपनी एकजुटता का एलान करते हुए संयुक्त राष्ट्र कि कार्योलय को एक पत्र दिया है।

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इस पत्र में संयुक्त राष्ट्र से मांग की गई है कि अन्याय, ज़ुल्म और अत्याचार पर वह अपनी चुप्पी तोड़े और बहरीन एवं यमन के पीड़ित लोगों का समर्थन करे।


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