नई दिल्ली | एनडीटीवी के सह संस्थापक प्रणव राय के घर सीबीआई छापे से आहत पत्रकार समाज आज प्रेस क्लब में इकठ्ठा हुआ. यहाँ उन्होंने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए इस प्रेस की आजादी पर हमला बताया. इस दौरान प्रेस से जुड़े कई संगठन और कई वरिष्ठ पत्रकार वहां मौजूद रहे. इसके अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण शौरी और मशहूर कानूनविद फली नरीमन ने भी अपने विचार व्यक्त किये.

एनडीटीवी के सह संस्थापक प्रणव राय ने नेताओं पर सीबीआई का दुरूपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा की हम किसी भी एजेंसी के खिलाफ नही है बल्कि उन नेताओं के खिलाफ है जो इनका गलत इस्तेमाल कर रहे है. यह खोखला मामला केवल एनडीटीवी के खिलाफ नही है बल्कि यह एक संकेत है की हम तुम्हे दबा सकते है. उनका स्पष्ट संकेत है की या तो तुम घुटनों के बल चलो या हम तुम्हे झुका देंगे.

और पढ़े -   रूस की सड़कों को भारत की बताने पर ट्रोल हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

प्रणव राय ने आगे कहा की वो हमें झुकाना चाहते है और मैं कहता हूँ की इनके सामने एक बार खड़े हो जाओ वो दोबारा ऐसा कभी नही करेंगे. प्रणव के अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण शौरी ने भी इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताया. उन्होंने कहा की मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूँ की उन्होंने इतने सारे मित्रो को एक साथ ला दिया. मैं उनके लिए एक दोहा कहना चाहता हूँ,’ वो जो आपसे पहले इस सिंहासन पर बैठा था, उसे भी यही यकीन था कि वह खुदा है’.

और पढ़े -   हिन्दू समिति की अजीब मांग , गरबे में मुस्लिमो का प्रवेश को रोकने के लिए आधार कार्ड को बनाया जाए अनिवार्य

आगे अरुण शौरी ने मोदी सरकार को सर्वसत्तावादी बताते हुए कहा की उन्होंने एनडीटीवी को एक उदहारण बना दिया है. और जैसी इस हुकूमत की आदत है , आगे चलकर यह और उग्र होगा. लेकिन मैं सरकार को कहना चाहता हूँ की भारत में जिस किसी ने भी प्रेस पर हाथ डाला है उसने अपने हाथ जला लिए. वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने कहा की आपातकाल के समय इंडियन एक्सप्रेस एक प्रतीक बना था और इस बार एनडीटीवी, हम यह सुनिश्चित करे की कोई भी बोलने की आजादी छिनने की कोशिश न करे.

और पढ़े -   सरकार लगाने जा रही है एक से अधिक बार हज पर रोक

कुलदीप के अलावा ओम थानवी और राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकारो ने भी सीबीआई रेड को प्रेस की आजादी पर हमला मना. राजदीप ने कहा की मुझे लगता है की इस पल चुप रहना सही विकल्प नही है. यही वो पल है जब हमें इतिहास में सही किनारे पर खड़ा होना होगा. इंडिया टुडे के एडिटर इन चीफ अरुण पूरी ने कहा की ऐसे कदम बोलने की आजादी के सिद्धांत को कमजोर करते है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE