नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने केंद्र की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। सोमवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाक़ात कर उन्हें राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की सिफारिश के कारण बताए थे। वहीं, कांग्रेस ने केंद्र की सिफारिश खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है।

और पढ़े -   अलीगढ में एक नाबालिग किशोर को बांधकर पीटा गया, कुकर्म करने का भी प्रयास

अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन पर मुहर, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दी मंजूरीउल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की केंद्र सरकार की सिफारिश को मंज़ूर न करें।

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक़ राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करते हुए सरकार ने कहा

  •  अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा सत्र 21 जुलाई को समाप्त हुआ और छह महीनों के भीतर यानी 21 जनवरी तक दोबारा सत्र नहीं हुआ।
  • जबकि छह महीनों के भीतर सत्र बुलाना संवैधानिक बाध्यता है और ऐसा न होने से संवैधानिक संकट पैदा हो गया है।
  • अगर सुप्रीम कोर्ट 16 दिसंबर के सत्र को मान्यता देती है तो भी इसका मतलब है कांग्रेस सरकार  अल्पमत में आ गई है।
  • राज्य सरकार राज्यपाल के पत्रों का जवाब नहीं दे रही थी।
  • राजभवन के घेराव पर राज्य सरकार चुप रही
  • राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है।
और पढ़े -   नशे में धूत पुलिस वाले ने सीएम् योगी के लिए कही यह बड़ी बात, विडियो हुआ वायरल

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE