नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देशवासियों को नववर्ष की शुभकामानाएं दी है। लोगों से नववर्ष में नयी शुरूआत करने और शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए करूणा और सहिष्णुता की भावना का विकास करने को कहा।

नववर्ष की पूर्वसंध्या पर राष्ट्रपति ने लोगों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जाहिर की कि यह लोगों के लिए नयी शुरूआत करने और निजी एवं सामूहिक विकास के लिए नये संकल्प करने का अवसर होगा।

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उन्होंने कहा, ‘हम अपने अंदर प्रेम, करूणा, सहिष्णुता की भावना विकसित करने के साथ एक समावेशी समाज के निर्माण के लिए काम करें जहां शांति और सौहार्द हो।’ राष्ट्रपति कई बार बढ़ती असहिष्णुता के विषय को उठा चुके हैं।

राष्ट्रपति प्रणब ने कहा कि यह समय अपनी सभ्यता के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने का है जो आधुनिक भारत को जटिल विविधताओं के बीच एक दूसरे से जोड़ता है और देश एवं दुनिया में इन्हें प्रोत्साहित करने का काम करता है। प्रणब मुखर्जी ने देश को स्वच्छ और हरित बनाने के विषय पर भी जोर दिया।

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राष्ट्रपति ने कहा, ‘हम साल 2016 को एक ऐसा वर्ष बनाने का संकल्प लें जिसमें हमारे देश के लोग, प्रकृति एवं मनुष्य के सामंजस्यपूर्ण संबंधों को संरक्षण प्रदान करने की दिशा में काम करें। हम अपने देश को स्वच्छ और हरित बनाने तथा पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनायें।’

साभार http://www.samacharjagat.com/


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