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भगवा आतंकवाद के तहत मालेगाँव में किये गये बम ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर जल्द ही जेल से बाहर आ सकती हैं. साध्वी प्रज्ञा की जमानत के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में आज सुनवाई हो सकती हैं. सुनवाई के दौरान एनआईए ने साध्वी प्रज्ञा की जमानत का विरोध नहीं करने का फैसला किया हैं.

ईकनॉमिक टाइम्स के अनुसार स्वास्थ्य कारणों से एनआईए साध्वी प्रज्ञा की जमानत का विरोध नहीं करेगी. जिसके कारण वह आठ सालों में पहली बार जेल से बाहर आ सकती हैं. 2008 के मालेगांव ब्लास्ट में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पहले ही साध्वी को क्लीन चिट दे चुकी हैं.

मई के महीने में एनआईए द्वारा अदालत में दाखिल की गई रिपोर्ट में कहा था कि साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है. हालांकि विशेष एनआईए कोर्ट ने जून में यह कहते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि यह मानने के लिए पर्याप्त आधार हैं कि उनके खिलाफ लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही है.

गौरतलब रहें कि 29 सितंबर 2008 को हुए मालेगांव ब्लास्ट में करीब 7 लोगों की मौत हो गई थी और 80 लोग घायल हुए थे. 2009 में महाराष्ट्र एटीएस ने 13 अन्य लोगों के सहित प्रज्ञा को इस मामले में आरोपी बनाया  था. एटीएस के मुताबिक बम लगाने के इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा की ही थी.


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