भोपाल | कृषि विकास को लेकर कई बार राष्ट्रिय अवार्ड जीत चूका मध्यप्रदेश किसान आन्दोलन की आग में जल रहा है. यहाँ किसान कई दिनों से कर्ज माफ़ी और फसलो के उचित दाम देने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे है. लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से उन्हें कोई आश्वासन नही मिला है. इसी वजह से किसान संगठनो ने बुधवार को प्रदेश व्यापी बंद का एलान किया है.

किसानो के एलान से सकते में आई सरकार ने एतिहात के तौर पर तीन शहरों उज्जैन, रतलाम और मंदसौर में इन्टरनेट सेवा पर रोक लगा दी है. उधर मंदसौर में आन्दोलन कर रहे किसानो और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गयी जिसके बाद पुलिस फायरिंग में दो किसानो की मौत हो गयी. वही तीन किसान घायल बताये जा रहे है. इससे पहले सोमवार को भी पुलिस फायरिंग में एक किसान को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था.

और पढ़े -   40000 रोहिंग्या मुसलमान जल्द ही निकाले जायेंगे भारत से बाहर

दरअसल सोमवार को रतलाम में किसानो का आन्दोलन अचानक से उग्र हो गया जिसके बाद उन्होंने ट्रेन की पटरिया उखाड़ने की कोशिश की. किसानो को रोकने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी जिसकी वजह से एक किसान की मौत हो गयी. बताते चले की किसान दो मांगो को लेकर आन्दोलन कर रहे है. आन्दोलन के नेता शिव कुमार ने कहा की लोकसभा चुनावो में पीएम मोदी ने जो वादा किया था वो उसको भूल चुके है.

और पढ़े -   चीन के साथ कभी-भी हो सकती है भारत की झड़प: पूर्व सेनाप्रमुख वीपी मलिक

शिव कुमार ने आगे कहा की मोदी जी ने कहा था की किसानो को उनकी फसल लागत पर 50 फीसदी मुनाफा दिया जायेगा लेकिन सरकार बने तीन साल हो चुके है और अभी तक उस वादे पर कोई काम नही किया गया. सरकार अपने वादे से मुकर चुकी है. न ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशे लागू की गयी. मोदी सरकार का यह वादा भी जुमला साबित हुआ है. बताते चले की मोदी सरकार देश विदेश में शिवराज सरकार की किसान निति की हमेशा से प्रशंसा करते आई लेकिन इन आन्दोलन के बाद उन नीतियों की पोल खुलती नजर आ रही है.

और पढ़े -   नई हज नीति की रिपोर्ट तैयार, इस महीने में कर दी जाएगी घोषणा: नकवी

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE