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पिछले 25 दिनों से लापता हुए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र नजीब अहमद को दिल्ली पुलिस द्वारा मानसिक रूप से अस्थिर बताने पर नजीब अहमद की बहन सदफ ने कहा कि कृपा कर के नजीब को बदनाम न करें. वो अच्छा पढ़ने वाला छात्र था. जरूरत है कि दिल्ली पुलिस सही दिशा में काम करे.

सदफ ने आगे कहा कि “जो व्यक्ति एक प्रतिष्ठित संस्थान में अध्ययन कर रहा हो वो मानसिक रूप से अस्थिर कैसे हो सकता है. मैं निवेदन करती हूं कि नजीब को बदनाम न किया जाए. उन्हें नींद से जुड़ी परेशानी थी जो कि पढ़ाई का दबाव रहने की वजह से छात्रों में होती है. उन्हें और कोई परेशानी नहीं थी.”

वहीँ आम आदमी पार्टी (आप) नेता आशुतोष ने कहा कि जब राष्ट्रपति ने हस्तक्षेप किया, उसके बाद ही दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की. आशुतोष ने दिल्ली पुलिस को निशाने पर लेते हुए कहा कि हम उसकी निंदा करते हैं जिसने नजीब की छवि यह कहकर खराब करने की कोशिश की कि वह ड्रग्स लेता थ.

गौरतलब रहें कि दिल्ली पुलिस ने कहा कि नजीब अहमद डिप्रेशन का शिकार था और 4 साल से नजीब का इलाज होली फैमिली अस्पताल में चल रहा था. पुलिस के मुताबिक ये बात परिवार ने उनसे छिपाई थी. पुलिस के मुताबिक जिस बीमारी का नजीब शिकार था. इसमें अक्सर लोग घर छोड़कर चले जाते हैं.


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