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भोपाल: रविवार की रात भोपाल की जेल तोड़कर भागे सभी कैदियों को पुलिस ने मार गिराया है कहा जा रहा है की यह सभी कैदी प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े हुए थे तथा जेल तोड़ने से पहले उन्होंने गार्ड की हत्या की फिर उसके बाद वहां से फरार हुए. राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ईंटखेड़ा गांव में पुलिस ने सभी को घेर लिया जिसके बाद हुए एनकाउंटर में सभी मारे गए.

बताया जा रहा है कि फरार होने  से पहले रात करीब दो बजे ड्यूटी पर तैनात गार्ड रमा शंकर की कैदियों ने हत्या की थी. हत्या के लिए कैदियों ने कोई धारदार वस्तु का इस्तेमाल किया. और फिर चादर के सहारे जेल की दीवार फांद कर फरार हो गए थे. भाग जाने वाले तीन लोग पहले भी इसी प्रकार से जेल से भागने में कामयाब हुए थे. कहा जा रहा है कि कैदियों ने फरार होने के लिए दीवाली की रात ही इसलिए चुनी ताकि पटाखों के शोर में वे अपना काम कर सकें.

डीआईजी ने बताया कि उन्होंने पहले गार्ड को घेर कर अपने कब्जे में लिया और फिर स्टील की प्लेट से उसका गला काट कर उसे मार डाला. उन्होंने बताया कि विस्तृत जानकारी अभी आनी बाकी हैं. फरार सिमी कार्यकर्ताओं की खोज के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है.

गृह मंत्रालय ने मध्यप्रदेश सरकार से इस घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है जिससे यह पता चल सके कि क्या जेल प्रशासन की ओर से कोई चूक हुई या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से कदम उठाए गए हैं.

वहीँ पुलिस की कार्यवाही पर अभी से सवाल उठने शुरू हो गये है कुछ सवाल ऐसे ही जिनका जवाब अभी तक पुलिस ने नही दिया है जैसे की जब सभी कैदी जेल से फरार होने में कामयाब हो गये थे तो वो सभी एक साथ क्यों भाग रहे है ऐसे मामलो में शातिर अपराधी अलग अलग दिशाओं में भागते है तथा पुलिस ने एनकाउंटर करने की ज़रूरत क्यों पड़ी जबकि उनके पास हथियार होने की बात खुद पुलिस ने नही कही है?. गार्ड का गला रेतने से पहले उन्होंने जेल कैसे तोड़ी ?

बताया जाता है कि यह लोग उत्तराखंड के रुड़की और उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुई बम विस्फोट की घटनाओं में भी कथित तौर पर लिप्त थे.


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